बाह के खेड़ा राठौर गांव में जंगली सूअर का आतंक अपने चरम पर है। बुधवार सुबह 50 वर्षीय किसान रामसिया पर जंगली सूअर ने जानलेवा हमला कर दिया। किसान ने अपनी जान बचाने के लिए 15 मिनट तक सूअर से संघर्ष किया, लेकिन इसके बाद भी खतरा टला नहीं। सूअर ने घर में घुसकर उनकी बहू पर भी हमला कर दिया।
फसल से लेकर जान पर हमला
रामसिया ने बताया कि वह सुबह अपने खेत में आलू की फसल देख रहे थे, तभी जंगली सूअर खेत में घुस आया। उसे भगाने की कोशिश में सूअर ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें सरसों के खेत में गिरा दिया। सूअर ने उनके पैर और बांह पर गंभीर चोटें पहुंचाईं।
गांव वालों ने लाठियों से बचाई जान
चीख-पुकार सुनकर गांव के लोग लाठी-डंडों के साथ मौके पर पहुंचे और सूअर को खदेड़ा। लेकिन यह खौफनाक मंजर यहीं खत्म नहीं हुआ। घायल किसान के घर में घुसकर सूअर ने उनकी बहू खुशबू पर भी हमला कर दिया। सिर में कई जगह गंभीर घाव हो गए। परिवार के सदस्यों ने किसी तरह सूअर को भगाकर खुशबू को बचाया।
चिकित्सा सहायता के लिए आगरा रेफर
रामसिया और उनकी बहू को प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति में आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार दोनों को गहरी चोटें आई हैं और हालत पर नजर रखी जा रही है।
गांव में बढ़ती दहशत
देवीसिंह पुरा गांव में पिछले कुछ दिनों से जंगली सूअर के हमलों की घटनाएं बढ़ रही हैं। मंगलवार को भी एक जंगली सूअर किसानों के पीछे भागा था। ग्रामीण अब अपने खेतों और घरों में भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।
वन विभाग से कार्रवाई की मांग
रामसिया की पत्नी गुड्डी देवी ने बताया कि जंगली सूअर न केवल फसलों को बर्बाद कर रहे हैं बल्कि अब इंसानों की जान पर भी बन आई है। उन्होंने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई और जंगली सूअर को पकड़वाने की मांग की है।
वन विभाग का बयान
बाह के रेंजर अमित कुमार ने कहा, “हमें मामले की जानकारी मिली है। टीम को मौके पर भेजकर जंगली सूअर को पकड़ने के प्रयास किए जाएंगे।”
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।

