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आगरा: H5N1 Bird Flu की रोकथाम पर कार्यशाला, जिलाधिकारी ने दिए सख्त दिशा-निर्देश

अमरीका और विश्व के अन्य देशों में फ़ैल रही H5N1 बर्ड फ्लू जैसी घातक बीमारी को आगरा में फैलने से रोकने और उससे जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए आगरा जिला प्रशासन ने कलक्ट्रेट सभागार में एक अहम कार्यशाला का आयोजन किया। उल्लेखनीय है कि अमरीका में इस बीमारी ने भयानक रूप ले लिया है और अभी तक इससे एक मौत भी दर्ज की जा चुकी है।

जिलाधिकारी श्री अरविन्द मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में हुई इस कार्यशाला में H5N1 बर्ड फ्लू से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई और विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां तय की गईं।

कार्यशाला में उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला ने विस्तार से प्रेजेंटेशन और वीडियो के माध्यम से बर्ड फ्लू के संकेत, लक्षण, रोकथाम के उपाय और विभागीय जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला।

बर्ड फ्लू के लक्षण और रोकथाम

कार्यशाला में बताया गया कि H5N1 बर्ड फ्लू के लक्षणों में खांसी, गला खराब होना, मांसपेशियों में दर्द, सांस लेने में कठिनाई, सिरदर्द, थकान, मितली और निमोनिया जैसी गंभीर स्थितियां शामिल हैं।
रोकथाम के उपायों में निम्नलिखित पर जोर दिया गया:

  • पालतू मुर्गियों को जंगली पक्षियों से दूर रखना।
  • फार्म में डिसइन्फेक्टेंट का उपयोग सुनिश्चित करना।
  • फार्म कर्मचारियों की साफ-सफाई पर ध्यान देना।
  • नए स्टॉक के लिए 21 दिनों का क्वारंटीन।
  • अनचाहे लोगों की एंट्री पर रोक।
  • मृत पक्षियों को छूने से बचना।

क्या करें और क्या न करें

विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि:

  • मृत पक्षियों की सूचना तुरंत जिला कंट्रोल रूम को दें।
  • कुक्कुट उत्पादों को अच्छी तरह पका कर खाएं।
  • पोल्ट्री फार्म और आसपास के इलाकों में जैव सुरक्षा के उपाय लागू करें।
  • संक्रमित होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।

वहीं, क्या न करें की सूची में अफवाहों पर ध्यान न देना, बर्ड फ्लू प्रभावित क्षेत्रों में न जाना और संक्रमित पक्षियों के संपर्क से बचने की सलाह दी गई।

विभागीय जिम्मेदारियां

शासन ने गृह और पुलिस विभाग को राज्य सीमा में जीवित पक्षियों के आयात पर रोक लगाने, खुले वाहनों में कुक्कुट और अंडों के परिवहन को रोकने और प्रभावित क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

वन विभाग को सेन्चुरी और वाइल्डलाइफ पार्कों में नियमित सैनिटाइजेशन और बायो-सिक्योरिटी उपाय लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पंचायत राज विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में साफ-सफाई और पोल्ट्री बाजारों की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

कार्यशाला में व्यापक भागीदारी

इस कार्यशाला में मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती प्रतिभा सिंह, प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी श्री आदर्श कुमार, जिला विकास अधिकारी श्री राकेश रंजन और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी श्री डी.के. पांडे सहित सभी खंड विकास अधिकारी और पशु चिकित्साधिकारी मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया और आगरा को बर्ड फ्लू मुक्त रखने के लिए हर संभव कदम उठाने पर जोर दिया।