Category: Op-Ed
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मेट्रो स्टेशन या राजनीतिक नामपट्ट?
आगरा मेट्रो के स्टेशनों के नाम तय करने से पहले जरूरी है एक सवाल, क्या सार्वजनिक परिवहन के नाम राजनीतिक दबाव से तय होंगे या यात्रियों की सुविधा और शहर की पहचान से? आगरा में मेट्रो अभी पूरी तरह आकार भी नहीं ले पाई है, लेकिन उसके स्टेशनों के नामों को लेकर राजनीति ने रफ्तार…
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सांप्रदायिक सौहार्द्र के लिए सड़क पर नहीं, मस्जिदों में ही नमाज़ पढ़ें मुस्लिम
रमज़ान माह के आखिरी जुमा ( शुक्रवार ) को “जुमा अलविदा” कहा जाता है। इस जुमे की नमाज़ शहर और गाँवों की सभी मस्जिदों में अता की जाती है। लेकिन आगरा की शाही जामा मस्जिद में बड़ी संख्या में लोग नमाज़ पढ़ने अन्य मस्जिदों से ज्यादा पहुँचते हैं। आसपास के ग्रामीण लोग यहाँ की नमाज़…
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तालिबान क्या शांतिपूर्वक सरकार बना पाएंगे?
केवल भारत ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण विश्व के मुसलामानों की निगाह अफ़ग़ानिस्तान की हर गतिविधि पर लगी दिखाई दे रही है। भारतीय मुसलमान TV के सभी कार्यक्रम छोड़ कर केवल अफ़ग़ानिस्तान के समाचार सुनने में लगे दिखाई दे रहे हैं। लेकिन तालिबान की हरकतों को देखते हुए हर मुसलमान आश्चर्यचकित दिखाई दे रहा है। इस…
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आखिर अफ़ग़ानिस्तान पर खामोशी क्यों?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “मन की बात” सुनने के लिए प्रत्येक रविवार को लोग उत्सुक रहते हैं क्योंकि प्रधानमंत्री अपने मन की बात में देश और हर इंसान के उत्थान और उज्ज्वल भविष्य की बात करते हैं। लेकिन इस रविवार को प्रसारित हुए मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की अफ़ग़ानिस्तान पर चुप्पी काफी लोगों…
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हिन्दू ह्रदय सम्राट कल्याण सिंह का महाप्रयाण
भारतीय राजनीति के युगपुरुष, श्रेष्ठ राजनीतिज्ञ, कोमलहृदय संवेदनशील मनुष्य, वज्रबाहु राष्ट्रप्रहरी, भारतमाता के सच्चे सपूत और भारतीय राजनीति में भगवान श्रीरामचन्द्र जी के हनुमान हिन्दू ह्रदय सम्राट कल्याण सिंह (Kalyan Singh) ऐसे नेताओं में गिने जाते हैं जिन्होंने भारतीय राजनीति में अनेकों मिसालें पेश की हैं। हिन्दू ह्रदय सम्राट कल्याण सिंह का राजनीतिक व व्यक्तिगत…
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यादें सहजने के साथ फोटोग्राफी पर्यटन को बढ़ावा देता है
अतीत का झरोखा हो या इतिहास का पन्ना आज का सुनहरा पल हो या आने वाले कल का एहसास भूत भविष्य और वर्तमान हम चित्रों के माध्यम से या लेख के माध्यम से संजो के रखते हैं| अतीत का संयोजन आज की पीढ़ी को पुराने इतिहास को दिखाता है और रोमांचित करता है और आज…
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तालिबान को सबक सिखा के ही मानवता दिवस की होगी सार्थकता
ईश्वर ने मानव को बनाकर उसे धरती पर भेजा साथ में उसके अंदर मानवीय गुणों का भी समावेश किया ताकि एक सक्षम मानव दूसरे मानव जो रोगी है., भूखा है, आश्रय रहित है उसकी भलाई के लिए सेवा करने का काम सौंपा| मानवतावादी मिशन दया, सहानुभूति, निष्पक्षता, तटस्थता और स्वतंत्रता सहित कई संस्थापक सिद्धांतों पर…
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के संघर्ष को याद करने का दिन है स्वतंत्रता दिवस (75वें स्वतंत्रता दिवस पर विशेष आलेख)
15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर हिन्दुस्तान में जगह -जगह हवा में लहराता झंडा हमें स्वतंत्र भारत का नागरिक होने का अहसास कराता है। इस साल 75वां स्वतंत्रता दिवस होने की वजह से इस दिन की महत्वता और बढ जाती है। आजादी से लेकर आज तक भारत देश ने कई उतार-चढाव देखे है और हर प्रकार…


