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बारहखंभा आरओबी, मेट्रो और सीएम ग्रिड निर्माण से शहर जाम, दिसंबर से शुरू होगी मेट्रो सेवा

शहर में एक साथ चल रहे रेलवे ओवरब्रिज, मेट्रो और सीएम ग्रिड परियोजनाओं ने गुरुवार को यातायात व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। बारहखंभा रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण के कारण ट्रैफिक डायवर्जन होने से अर्जुन नगर से ईदगाह रेलवे ओवरब्रिज तक सुबह से शाम तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। कई स्थानों पर…

Agra traffic jam
Agra traffic jam
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शहर में एक साथ चल रहे रेलवे ओवरब्रिज, मेट्रो और सीएम ग्रिड परियोजनाओं ने गुरुवार को यातायात व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। बारहखंभा रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण के कारण ट्रैफिक डायवर्जन होने से अर्जुन नगर से ईदगाह रेलवे ओवरब्रिज तक सुबह से शाम तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। कई स्थानों पर सात घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। स्कूलों की छुट्टी के समय बच्चों, अभिभावकों और नौकरीपेशा लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ा, जबकि तेज गर्मी के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

बारहखंभा रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण के चलते अर्जुन नगर, मलपुरा और आसपास के क्षेत्रों से रूई की मंडी की ओर जाने वाले वाहनों को ईदगाह रेलवे ओवरब्रिज के रास्ते भेजा जा रहा है। संकरे ईदगाह पुल पर वाहनों का दबाव अचानक बढ़ जाने से सुबह करीब आठ बजे से ही जाम लगना शुरू हो गया। सैकड़ों वाहन पुल पर फंस गए। नगला छउआ होते हुए रूई की मंडी की ओर जाने वाले मार्ग पर भी यातायात रेंगता रहा। कमाल खां दरगाह पर लगने वाले साप्ताहिक बाजार ने स्थिति को और गंभीर बना दिया।

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उधर, मेट्रो परियोजना के तहत पिलर निर्माण के लिए हरीपर्वत चौराहे का कट पूरी तरह बंद कर दिए जाने से लोगों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ी। सेंट जोंस और मदिया कटरा की ओर जाने वाले वाहन चालकों को लगभग 200 मीटर का चक्कर लगाना पड़ा, जबकि मदिया कटरा से बाग फरजाना जाने वालों को करीब 500 मीटर अतिरिक्त घूमकर जाना पड़ा। मदिया कटरा से हरीपर्वत की ओर सीएम ग्रिड परियोजना का निर्माण कार्य चलने के कारण एक ही लेन से दोनों दिशाओं का ट्रैफिक संचालित किया गया। वहीं दिल्ली गेट से बाग फरजाना जाने वाले मार्ग पर भी बैरिकेडिंग के कारण लोगों को वैकल्पिक मार्गों से होकर गुजरना पड़ा। दोपहर दो बजे से शाम चार बजे तक इस पूरे क्षेत्र में भारी जाम लगा रहा।

सीएम ग्रिड परियोजना के निर्माण ने मानस नगर से मारुति एस्टेट की ओर जाने वाले एमजी रोड-2 पर भी यातायात व्यवस्था को प्रभावित किया। यहां एक लेन पूरी तरह बंद होने के कारण दोनों दिशाओं के वाहन एक ही लेन से निकाले गए। दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक सैकड़ों वाहन जाम में फंसे रहे। स्थानीय लोगों ने बताया कि मौके पर पर्याप्त पुलिस व्यवस्था भी नहीं थी, जिससे यातायात नियंत्रण और मुश्किल हो गया।

हालांकि इन असुविधाओं के बीच उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने आगरावासियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई है। निगम ने दिसंबर 2026 से आगरा कैंट से आगरा कॉलेज स्टेशन तक मेट्रो सेवा शुरू करने का लक्ष्य तय किया है। इस खंड में ट्रैक निर्माण लगभग 90 प्रतिशत पूरा हो चुका है और स्टेशनों का निर्माण तेजी से चल रहा है। पहले चरण में आगरा कैंट, सदर बाजार, प्रतापपुरा, कलेक्ट्रेट और आगरा कॉलेज स्टेशन शामिल होंगे। आगरा कॉलेज स्टेशन का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, जबकि अन्य चार स्टेशनों का करीब 20 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है। यूपीएमआरसी के उप महाप्रबंधक पंचानन मिश्रा के अनुसार नवंबर में ट्रायल रन शुरू करने की योजना है और दिसंबर में यात्री सेवाएं प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है।

दूसरे चरण में आगरा कॉलेज से कालिंदी विहार तक 16 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें कुल 14 स्टेशन होंगे। भगवान टॉकीज से वाटर वर्क्स तक करीब 80 प्रतिशत ट्रैक तैयार हो चुका है। सुल्तानगंज की पुलिया पर स्टेशन निर्माण के लिए पिलर बनाए जा रहे हैं, जबकि यमुना नदी पर बनने वाले पुल का कार्य भी प्रगति पर है। परियोजना को अगले वर्ष मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके पूरा होने के बाद शहरवासियों को लगभग 30 किलोमीटर तक मेट्रो से यात्रा की सुविधा मिल सकेगी।

इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 25 और 26 जुलाई के आगरा दौरे की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री दो दिवसीय प्रवास के दौरान कुल 421.01 करोड़ रुपये की 53 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। 25 जुलाई को फतेहाबाद रोड स्थित टाटा ग्राउंड में आयोजित जनसभा में वे 37 परियोजनाओं का शिलान्यास और 16 परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। इनमें 93.81 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 150 शय्या लेडी लॉयल अस्पताल, 79.15 करोड़ रुपये की सीएम ग्रिड रोड, शास्त्रीपुरम स्टॉर्म वाटर ड्रेन, सदरवन नाला पक्कीकरण, श्री कैलाश मंदिर पर्यटन विकास, वर्किंग वूमेन हॉस्टल, एसएन मेडिकल कॉलेज का रजिस्ट्रेशन कॉम्प्लेक्स और बल्केश्वर पार्क के पुनर्विकास जैसी प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं।

लोकार्पण होने वाली परियोजनाओं में जिला कारागार की नई बैरकों का निर्माण, पालीवाल पार्क के विकास कार्य, सिकंदरा क्षेत्र की आरसीसी पुलिया और सीसी सड़कें शामिल हैं। इसके अलावा पहली बार एक करोड़ रुपये से कम लागत वाले कई छोटे विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण भी मुख्यमंत्री के हाथों कराया जाएगा। इनमें स्कूलों के जीर्णोद्धार, एसएन मेडिकल कॉलेज में रंगाई-पुताई, सर्जरी भवन और एमसीएच ब्लॉक का नवीनीकरण, पुलिया निर्माण तथा मंदिर प्रवेश द्वार जैसे कार्य शामिल हैं।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री शनिवार शाम चार बजे हेलीकॉप्टर से सीधे टाटा ग्राउंड पहुंचेंगे, जहां वे सरकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन करने के बाद जनसभा को संबोधित करेंगे। इस दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र और नव नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जाएंगे। शाम छह बजे मुख्यमंत्री सर्किट हाउस में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक करेंगे। अगले दिन 26 जुलाई को वे डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर में विश्वविद्यालय की कैशलेस योजना का शुभारंभ करेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए विश्वविद्यालय के शिक्षकों, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की छुट्टियां निरस्त कर दी गई हैं।

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