
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में आगरा मंडल के मथुरा शहर को तीर्थस्थल घोषित करते हुए काफी बड़े क्षेत्र में शराब एवं मांस की बिक्री पर प्रतिबन्ध लगाए जाने की घोषणा की थी।
लेकिन मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी भगवान् कृष्ण के जन्मस्थान के आस पास शराब व भांग की दुकानों पर बराबर बिक्री हो रही है। वहां हो रही बिक्री को देखते हुए ऐसा प्रतीत होता है कि मथुरा में इन नशे की चीज़ों की बिक्री बंद होने की संभावना कम ही है।
सूत्रों से जानकारी मिली है कि इस सम्बन्ध में सरकार द्वारा कोई अधिसूचना जारी नहीं की गयी है, केवल स्थानीय प्रशासन के स्तर पर प्रतिबन्ध की कार्यवाही की गयी है, जो नाकाफी मालूम पड़ रही है। आबकारी विभाग के सूत्रों के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष के शराब व भांग के ठेके आवंटित किये जा चुके हैं और अगर बीच में ही यह दुकानें बंद की जाती हैं तो सरकार को लगभग 45 करोड़ का नुक्सान हो सकता है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यमाथ द्वारा पिछले माह भगवान् श्रीकृष्ण के जन्मस्थान के 10 वर्ग किमी क्षेत्र में शराब और मांस की बिक्री पर प्रतिबन्ध लगाए जाने की घोषणा के बाद जहाँ मुख्यतः अल्पसंख्यक वर्ग द्वारा चलाई जा रहीं मांस की दुकानों को बंद करा दिया गया है, वहीँ शराब और भांग की दुकानें बदस्तूर चल रही हैं।
आबकारी विभाग के एक अधिकारी ने इस सम्बन्ध में स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि इन दुकानों के लाइसेंस इन दुकानदारों को दिए जा चुके हैं और दुकानों को बंद करने से सरकार को लाइसेंस फिक्स वापस करनी पड़ेगी जिससे करोड़ों के राजस्व की क्षति होगी। ऐसे में इन दुकानों पर कोई भी कदम उठाने से पूर्व सरकार द्वारा शराब की दुकानों पर प्रतिबन्ध लगाए जाने की अधिसूचना जारी किये जाने की प्रतीक्षा की जा रही है।
उक्त अधिकारी ने बताया कि दुकानें इस तरह बिना अधिसूचना के बंद किये जाने पर लाइसेंस धारक न्यायालय की शरण ले सकते हैं, जिसके बाद मामला उलझ जाएगा। इसलिए अभी तय किया गया है कि अधिसूचना जारी होने तक यह दुकानें चलने दी जाएँ। उन्होंने बताया कि कुल 37 शराब की दुकानें जन्मभूमि के 10 वर्ग किमी क्षेत्र में चिन्हित की गयी हैं, जिनमें से 10 देशी शराब की दुकानें हैं। इन सभी की सूची जिला प्रशासन को सौंप दी गयी है और अधिसूचना जारी होते ही इन्हें बंद करा दिया जाएगा।
एक स्थानीय वरिष्ठ नागरिक का कहना था कि जब मंदिरों के समीप शराब और मांस की दुकानें बंद किये जाने की घोषणा हुई थी तो पूरे मथुरा की जनता ने इस घोषणा का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया था, लेकिन अभी तक शराब और भांग की दुकानें खुली रहने से शहरवासियों में मायूसी छाई हुई है।
स्थानीय लोगों ने मथुरा प्रशासन पर मुख्यमंत्री के आदेश को हवा में उड़ा देने का आरोप लगाते हुए कहा यह रोक सिर्फ जन्मभूमि के 10 किमी की परिधि में ही नहीं, बल्कि पूरे ब्रज क्षेत्र में लगाईं जानी चाहिए क्योंकि उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि राजस्थान के भरतपुर तक फैला सम्पूर्ण ब्रज क्षेत्र श्री कृष्ण की लीलास्थली है और इसको एक अलग ब्रज तीर्थ क्षेत्र घोषित कर पूरे क्षेत्र को एक तीर्थ प्रशासन के अंतर्गत लाया जाना चाहिए।

