कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गाँधी जब बुधवार रात लगभग 11 बजे मृतक अरुण के घर पहुंचीं तो मृतक की 70 वर्षीय माँ कमला देवी ने रोते हुए प्रियंका से मदद की गुहार लगाई। आगरा पुलिस पर अपने बेटे को मारने का आरोप लगाते हुए कमला देवी ने कहा कि उनका बेटा अकेले थाने में चोरी कर ही नहीं सकता था जबकि थाने में हर समय पुलिस फ़ोर्स रहती है। उन्होंने कहा कि 25 लाख रूपये की चोरी पुलिसवालों ने ही करवाई थी और अरुण को उन लोगों के नाम मालूम थे। वह किसी उच्च अधिकारी को वह नाम न बता दे इसलिए उसे नाम बताने से पहले ही मार दिया गया।
प्रियंका ने कमला देवी और अरुण की पत्नी सोनम को गले से लगाया। अरुण की माँ रोते – रोते बेहोश हो गयी तो उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोनम ने प्रियंका गाँधी को बताया कि 5 दिन से उनके परिवार के सभी सदस्यों को थाने में बैठा रखा था और थानेदार कह रहे थे कि मकान बेच दो या ब्याज पर लाओ, हमें तो अधिकारियों को 25 लाख रुपये की रिकवरी दिखानी है। अगर ऐसा नहीं करोगे तो पूरा परिवार जेल जाएगा।
सोनम ने प्रियंका को बताया कि उसके पति अरुण वाल्मीकि की पिटाई पुलिस ने उसके सामने ही करनी शुरू कर दी थी और पुलिस की पिटाई से ही अरुण की मौत हुई है। अरुण के तीन बच्चों के सर से उनके पिता का साया पुलिस की बर्बर पिटाई ने उठा लिया। प्रियंका गाँधी ने आधी रात को बंद कमरे में मृतक अरुण के परिवार से मुलाक़ात की और हकीकत जानकर 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और कानूनी मदद दिलाने का भरोसा दिलाया।
मीडिया से बात करते हुए प्रियंका ने कहा कि अरुण के शरीर पर लगी चोटों से मालूम पड़ता है कि अरुण की पुलिस ने बेरहमी से पिटाई की थी जिसके कारण उसकी मौत हुई। उन्होंने कहा कि यकीन करना मुश्किल है कि आज़ाद भारत में भी नागरिकों के साथ इस तरह की ज्यादती हो रही है।
प्रियंका ने बताया कि अरुण के परिवार द्वारा बेटी की शादी के लिए जमा की गई रकम को भी पुलिस ले गई। बंद कमरे में अरुण के परिजनों ने पुलिस की बदसलूकी की शर्मनाक दास्तान बयान की। अरुण की भाभी के सारे कपडे उतारने की धमकी दी गई थी। यह आजाद भारत को किस तरह का देश बनाया जा रहा है? न्याय केवल मंत्रियों के लिए रह गया है जबकि गरीब को सिर्फ अत्याचार झेलना पड़ रहा है।
आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह भी बुधवार रात को ही अरुण के घर जाकर पूरे परिवार से मिले और उनको सांत्वना दी। इसके बाद बात करते हुए संजय सिंह ने कहा कि पुलिस ने सीधे-सादे गरीब वाल्मीकि व्यक्ति अरुण की ह्त्या की है। आज देश – प्रदेश में मारो और मुआवजा दो की नीति चल रही है। पीड़ित परिवार को न्याय मिलना ही चाहिए। अरुण के अपरिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक मदद, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और अरुण की मौत की ज्यूडिशियल इन्क्वायरी हो।
संजय सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी अरुण के परिवार के साथ है। हम इस लड़ाई को सड़क से संसद तक लड़ेंगे। हम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से पूछते हैं कि हम महर्षि वाल्मीकि की जयंती पर खुशियां मनाएं या अरुण की मौत पर मातम करें?
गुरूवार दोपहर तक अखिलेश के भी आगरा आने की संभावना है।
इस प्रकरण को जहाँ विपक्ष सियासत पर उतरा हुआ है, वहीं 9 विधायक, 3 सांसद, 3 मंत्री, मेयर, जिला पंचायत अध्यक्ष और दर्जनों की संख्या में छोटे – बड़े पदाधिकारी आगरा में होते हुए भी भाजपाइयों की इस प्रकरण पर खामोशी चौंकाने वाली है। किसी भी भाजपा नेता की ओर से इस प्रकरण पर कोई टिप्पणी नहीं की गयी है, लेकिन फिर भी आगरा पुलिस इस समय बैकफुट पर आ गयी है।

