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आगरा: जनशिकायतों के फर्जी निस्तारण पर डीएम का बड़ा एक्शन, सब रजिस्ट्रार का वेतन रोका, 4 एसडीएम को नोटिस

Agra DM Manish Bansal IAS

Agra DM Manish Bansal IASजनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही, फर्जी रिपोर्टिंग और गुणवत्ताहीन आख्या लगाने वाले अधिकारियों के खिलाफ जिलाधिकारी मनीष बंसल ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट में सोमवार को आयोजित आईजीआरएस (IGRS) एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल की समीक्षा बैठक में खराब प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए सदर तहसील के सब रजिस्ट्रार का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए। वहीं, शिकायतों के निस्तारण में खराब रैंकिंग और असंतोषजनक कार्यप्रणाली पाए जाने पर चार उप जिलाधिकारियों (एसडीएम), बाह, किरावली, फतेहाबाद और सदर, को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जनशिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लीपापोती, फर्जी निस्तारण अथवा बिना वास्तविक समाधान के शिकायत बंद करने की प्रवृत्ति किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे मामलों के कारण जनपद की आईजीआरएस अथवा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की रैंकिंग प्रभावित होती है तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ दंडात्मक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।

मीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने पिछले तीन माह की विभागवार और तहसीलवार रैंकिंग, शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि का प्रतिशत तथा मुख्यमंत्री कार्यालय से निम्न रैंकिंग प्राप्त संदर्भों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि केवल पोर्टल पर शिकायतों का निस्तारण दर्ज कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। अधिकारियों की जवाबदेही शिकायतकर्ता की संतुष्टि से तय होगी।

बैठक में समाज कल्याण, बेसिक शिक्षा, विद्युत, लीड बैंक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) तथा ग्राम्य विकास विभाग द्वारा जनशिकायतों के निस्तारण में प्रस्तुत की गई आख्या अस्पष्ट, अधूरी और गुणवत्ताहीन पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागाध्यक्षों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए निर्देश दिए कि भविष्य में तथ्यों पर आधारित, स्पष्ट और गुणवत्तापूर्ण रिपोर्ट ही पोर्टल पर अपलोड की जाए।

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न बनकर वास्तविक समस्या के समाधान पर आधारित होना चाहिए। किसी भी शिकायत को बिना संतोषजनक समाधान के बंद किए जाने की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर विशेष नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि अगली समीक्षा बैठक में विभाग के चीफ इंजीनियर सहित सभी अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेंगे और लंबित तथा विवादित शिकायतों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करेंगे।

डीएम ने कहा कि विद्युत विभाग से संबंधित शिकायतों की संख्या लगातार अधिक रहती है, इसलिए इनके निस्तारण में विशेष संवेदनशीलता और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि का प्रतिशत हर हाल में 80 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनशिकायत निवारण प्रणाली सरकार की प्राथमिकता में है और इसकी गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

बैठक के दौरान जून माह में आईजीआरएस शिकायतों के प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एसडीएम एत्मादपुर सुमित कुमार तथा एसडीएम खेरागढ़ को जिलाधिकारी ने प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह, आईजीआरएस की नोडल अधिकारी पूजा यादव, जिला विकास अधिकारी भावना यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक रविन्द्रपाल, बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।