
आगरा शहर में इस महीने अच्छी बारिश होने के कारण जहाँ लोगों के चेहरों पर ख़ुशी है, वहीं शहर भर में जर्जर मकानों के गिरने से हादसे हो रहे हैं। जहां शनिवार सुबह शहर के कोतवाली क्षेत्र के कूचा साधुराम में एक 100 साल पुराना मकान भरभरा कर गिर गया, वहीं रविवार दोपहर को शाहगंज के जोगी पाड़ा क्षेत्र में एक मकान का छज्जा गिरने के कारण छह लोग घायल हो गये।
सूत्रों के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के कूचा साधुराम में शनिवार की सुबह करीब 100 साल पुराना जर्जर तीन मंजिला भवन ढह गया। तीन दिन पहले गृहस्वामी ने हादसे की आशंका के चलते इसे खाली किया था। इस दौरान एक सफाईकर्मी ने भागकर जान बचाई।
तीन मंजिला भवन के स्वामी अनूप अग्रवाल एक निजी कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने बताया कि भवन करीब 100 साल पुराना है। वृद्ध मां, पत्नी और दोनों बच्चों के साथ यहाँ रहते थे। तीन दिन पहले ही घर खाली किया था। शनिवार से जर्जर मकान को गिरने का काम होना था। सुबह आठ बजे मकान खुद भरभरा कर गिर गया। यहाँ रहने वाले विनीत वर्मा ने बताया गली से उनके निकलने के कुछ देर बाद ही जोरदार आवाज हुई। तीन मंजिला भवन का एक हिस्सा ढह गया था। मलबा गली में आकर गिरा।
वहाँ काम करती एक सफाई कर्मचारी ने भागकर अपनी जान बचाई। पड़ोस में रहने वाले त्रिलोकचंद शर्मा के घर की एक दीवार भी क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे की जानकारी होने पर पुलिस भी मौके पर पहुँच गई।
उधर रविवार को शाहगंज के जोगी पाड़ा क्षेत्र में यहां की रहने वाली प्रेमवती की मौत पर शोक व्यक्त करने आये रिश्तेदारों के ऊपर अधिक भार होने से छज्जा गिरा गया। मलबे में दबकर छह लोग बुरी तरह घायल हो गए। परिजन व आसपास के लोगों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। थानाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने बताया कि किसी को हाथ में तो किसी को पैर में चोट लगी है। सभी लोग खतरे से बाहर हैं। छज्जा जर्जर होने की वजह से हादसा हुआ है।


