Barona

Baronaकासगंज ज़िले की पटियाली तहसील क्षेत्र के बरौना (Barona) गाँव में गंगा की उफनती धारा पिछले साल से लगातार कटान करते हुए आबादी की ओर बढ़ रही है। इस हफ़्ते कटान इतना अधिक हो गया कि कई ग्रामीणों के आशियाने गंगा में समा गये जिसके बाद कटान की भयावहता को देखते हुए प्रशासन ने बुधवार की देर शाम गाँव में मुनादी कराकर ग्रामीणों को घर खाली कर राहत शिविर में पहुँचने के निर्देश दिए। इसी के साथ ही कुछ ग्रामीणों को नोटिस भी दिया गया। हालांकि ग्रामीण शिविरों में जाने के लिए तैयार नहीं।

सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता कानपुर जेपी नंदन, अधीक्षण अभियंता अलीगढ़ सुप्रभात सिंह व कई खंडों के अधिशासी  अभियंता गंभीर आपदा को देखते हुए गाँव में अपने सामने ही कटानरोधी कार्य करवा रहे हैं। बृहस्पतिवार की सुबह हरिद्वार से 2.12 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस पानी का असर नरौरा बैराज पर भी आया है। यहाँ से भी पानी अधिक छोड़ा गया है, जिससे कटानरोधी कार्यों में व्यवधान आ सकता है। ग्रामीण कटान आपदा को लेकर चिंतित हैं।

अपर जिलाधिकारी डॉ. वैभव शर्मा ने बताया कि आपदा की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों को राहत शिविर में पहुँचने को कहा गया है, लेकिन अभी ग्रामीण नहीं पहुंचे हैं।

पटियाली तहसील क्षेत्र के 5 हजार की आबादी वाले गाँव बरौना (Barona) में 300 से अधिक कच्चे-पक्के मकान हैं। अब तक दर्जन भर मकानों के अलावा झोंपड़ियों व पशु बाड़े कटकर गंगा में समा चुके हैं। एक मंदिर भी गंगा में समा चुका है। कई प्राचीन पेड़ समा गए हैं। पिछले वर्ष जुलाई माह में गंगा ने आबादी पर दस्तक दे दी थी, लेकिन सिंचाई विभाग के कटा नरोधी कार्य किये जाने से गाँव में कटान रुक, लेकिन गंगा ने गाँव के पूर्वी हिस्से पर कटान शुरू करके मुसीबत बढ़ा दी।

पटियाली तहसील में बरौना (Barona) अकेला गाँव नहीं है जो गंगा नदी के कटान से प्रभावित हो रहा है। बरौना सहित अन्य गांव म्यूनी, धर्मपुर ,ब्रह्मपुर ,बगवास, बस्तौली घबरा, जघई, समसपुर, नवाबगंज नगरिया, और नगला डामर भी पिछले साल जुलाई माह में गंगा नदी के कटान से प्रभावित हुए थे, हालाँकि इस वर्ष बरौना को ही सबसे अधिक आपदा झेलनी पड़ रही है।

Jyotsna Sharma
Jyotsna Sharma

Jyotsna Sharma joined Agra24 as a journalist in 2021. Before Agra24, she has worked as the Agra correspondent for Lucknow-based Hindi daily Rashtriya Swaroop, and India Monthly magazine.

By Jyotsna Sharma

Jyotsna Sharma joined Agra24 as a journalist in 2021. Before Agra24, she has worked as the Agra correspondent for Lucknow-based Hindi daily Rashtriya Swaroop, and India Monthly magazine.