Bankey Bihari Temple Devotees Crowd on Shri Krishna Janmashtami

Bankey Bihari Temple Devotees Crowd on Shri Krishna Janmashtami आगरा मंडल का मथुरा जिला भगवान् कृष्ण की जन्मस्थली और दर्जनों की संख्या में मंदिर होने से पूरी तरह धार्मिक नगरी में तब्दील हो गया है. यहाँ प्रत्येक मंदिर में प्रतिदिन हज़ारों श्रद्धालु दर्शनों को आते हैं, लेकिन वृन्दावन का बांके बिहारी मंदिर (Bankey Bihari Temple) वर्तमान में जिला प्रशासन और सुरक्षा कर्मियों के लिए चुनौती खड़ी कर रहा है. इस मंदिर में देश – विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन को आते हैं लेकिन अपने इष्ट देव के दर्शन सुरक्षित और सहज रूप से नहीं कर पाते हैं.

इस मंदिर में हर रोज़ हज़ारों श्रद्धालु आते हैं जिसको मद्देनज़र रखते हुए मंदिर प्रबंधक कमिटी ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग भी लगाई है, लेकिन इसके बावजूद यहाँ भीड़ प्रबंधन में कोई सुधार होता नज़र नहीं आ रहा है.

विगत दिनों भीषण गर्मी और भीड़ की वजह से प्रति दिन दर्जनों श्रद्धालुओं के बेहोश होकर गिरने की ख़बरें आ रही थीं जिसमें फिलहाल बारिश के कारण तापमान गिरने से थोड़ी कमी आई है, लेकिन हर साल पैदा होने वाली इस स्थिति का कोई स्थाई निवारण नहीं हो पाया है.

बांके बिहारी मंदिर और उसके आसपास के लोगों के अनुसार उन्होंने स्थानीय बुद्धिजीवियों और मंदिर प्रबंधन कमिटी के सदस्यों को इस सम्बन्ध में मौखिक और लिखित रूप में कई सुझाव दिए हैं लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि मंदिर प्रबंधन कमिटी ने ठाकुर जी के मंदिर (Bankey Bihari Temple) को भीड़ प्रबंधन की प्रयोगशाला बना लिया है.

उन्होंने मांग की कि श्रद्धालुओं, स्थानीय वरिष्ठ नागरिकों, जिला प्रशासन, और मंदिर प्रबंधन कमिटी को साथ लेकर एक दीर्घकालीन योजना बनाई जाए और उसी योजनाबद्ध तरीके से ठाकुर जी के दर्शन कराये जाएँ जिससे मंदिर आने वाले श्रद्धालु सुविधाजनक रूप से दर्शन कर सकें और उनके साथ कोई हादसा न हो.

इस सम्बन्ध में हिंदुस्तानी बिरादरी के वाइस चेयरमैन विशाल शर्मा का कहना था कि मंदिर (Bankey Bihari Temple) के निकट के अतिक्रमण तुरंत हटाए जाएँ, सड़कों का चौड़ीकरण हो, और मंदिर के दर्शनों के लिए बाकायदा ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था लागू की जाए जिससे भीड़ प्रबंधन हो सकेगा. उन्होंने कहा कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्यौहार आने वाला है और उस दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु मथुरा – वृन्दावन आएंगे। अभी लगभग एक माह का समय मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन के पास है। समय रहते अगर भीड़ प्रबंधन के उचित इंतज़ाम कर लिए गए तो भीड़ के कारण किसी अप्रिय घटना के होने की संभावना से बचा जा सकता है।

सामाजिक कार्यकर्त्ता आशुतोष चौबे का कहना था कि मंदिर में प्रवेश और निकास के अलग-अलग द्वार हैं लेकिन इस व्यवस्था का दृढ़ता से पालन कराया जाना आवश्यक है. फिलहाल तो मंदिर में इतनी भीड़ रहती है कि स्थानीय लोग भी ठाकुर जी के दर्शनों से वंचित रह जाते हैं. ऐसे में कोई निश्चित समय स्थानीय लोगों के लिए भी होना चाहिए.

उन्होंने मांग की कि मंदिर (Bankey Bihari Temple) के आसपास ई-रिक्शा का संचालन बिलकुल बंद होना चाहिए और जो व्यवस्था मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वृन्दावन दौरे के समय की गई थी, वही व्यवस्था वर्ष-पर्यन्त होनी चाहिए. अभी आलम यह है कि कागज़ पर योजना कुछ बनाई जाती है और धरातल पर उसका कोई और ही रूप दिखाई देता है. योजना और उसके क्रियान्वयन का यही फर्क श्रद्धालुओं के लिए दुश्वारियों का सबब बन जाता है. आवश्यकता इस बात की है कि कोई भी व्यवस्था कम से कम आने वाले २० सालों के लिए बनाई जाए और उसमें कोई बड़ा परिवर्तन न किया जाए, नहीं तो अक्सर आने वाले श्रद्धालु आये-दिन होने वाले इन बदलावों से भ्रमित होते रहेंगे.

S Qureshi