उत्तर प्रदेश में रात्रि 11 बजे से प्रातः 5 बजे तक कोरोना कर्फ्यू लागू किया जा चुका है, हालांकि अगर इसके पालन पर अगर एक नजर डाली जाए तो यही दिखता है कि रात में जो गाइडलाइन का पालन किया जाता है वो दिन में साइडलाइन हो जाता है।
सोमवार को एक साथ 5 मरीज मिलने के साथ ही आगरा में कोरोना के सक्रिय मरीजों की संख्या काफी समय शून्य रहने के बाद पहली बार दहाई के आंकड़े को छू गयी है। इसके बावजूद मंगलवार को इस भयानक बीमारी, जिसने कुछ ही महीने पहले आगरा में सैंकड़ों लोगों की जान ली थी, का कोई भय जनता में व्याप्त नहीं दिखता। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग न के बराबर दिखी जबकि शासन की ओर से बराबर चेतावनी दी जा रही है।
पुलिस आगरा की सड़कों पर रात को पूरी तरह मुस्तैद तो दिखाई दी लेकिन दिन में भीड़ दिखाई दे रही है और पुलिस का कोई ध्यान नहीं। ऐसे नजारों को देखकर अनुमान लगाया जा सकता है कि जनता कोरोना जैसी बीमारी को स्वयं दावत दे रही है।
हिंदुस्तानी बिरादरी संस्था के उपाध्यक्ष विशाल शर्मा ने अपनी टीम को साथ लेकर जनता से कोरोना गाइड लाइन का पालन करने का आग्रह करते हुए बताया कि आगरा एवं अन्य स्थानों पर कोरोना गाइड लाइन का पालन कराने का काम केवल जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग पर ही नहीं छोड़ देना चाहिए बल्कि सामाजिक संस्थाओं को भी आगे आकर इस काम में हाथ बंटाना होगा।
शर्मा ने बताया कि एक समय ऐसा भी था कि ताजनगरी में कोरोना के मामले शून्य रह गए थे लेकिन फिर से आगरा में लोगों की लापरवाही की वजह से कोरोना दस्तक देने लगा है। उसके बाद भी जनता में कोई खौफ नहीं दिखाई दे रहा है। शहर के बाजारों में हर समय भीड़ दिखाई दे रही है, वह भी बिना मास्क के। जबकि सोशल डिस्टेंसिंग की बार तो छोड़िये, अगर पुलिस थोड़ी सख्ती से भी हिदायत देने लगे तो कोरोना जैसी भयानक बीमारी को ताजनगरी में पुनः आने से रोका जा सकता है।
इसी तरह शहर के प्रमुख बस स्टैंड ISBT पर उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों की बसें आती हैं, इनसे बड़ी सांख्या में यात्री पधारते हैं लेकिन वहां कोरोना गाइड लाइन की कोई चेकिंग होती नहीं दिखाई दी और खुल कर कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियाँ उड़ाई जा रही है। यही स्थिति विश्व की अजूबी इमारत ताज महल का दीदार करने वाले देशी – विदेशी पर्यटकों की देखने को मिली।
आगरा की इस अजूबी इमारत ताजमहल का दीदार करने वालों की सांख्य प्रतिदिन 30 से 40 हजार लोगों की है। लम्बी लाइन टिकट हेतु लगी दिखाई दे रही हैं। सोशल डिस्टन्सिंग और मास्क का मजाक बनाया जा रहा है। हिंदुस्तानी बिरादरी की टीम ने ताजमहल के पूर्वी द्वार पर पहुंचकर पर्यटकों को मास्क देते हुए कोरोना गाइड लाइन का पालन करने का आग्रह किया।
इस सन्दर्भ में जिला अस्पताल के नोडल अफसर डॉ मनीष शर्मा ने बताया कि वर्तमान में आगरा में कोरोना के केस अभी काम हैं लेकिन ख़तरा बहुत ज्यादा है। यह संक्रमण तेजी से साथ फैलता है। अगर कोरोना / ओमिक्रोण की तरफ ध्यान नहीं दिया गया तो तेजी के साथ इस बीमारी का प्रसार हो सकता है। इसलिए जनता को जागरूक होकर इसकी गाइड लाइन का पालन करना होगा। लक्षण प्रतीत होने पर जांच अवश्य कराएं।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ एस के कालरा का कहना था कि मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग कोरोना से बचाव के प्राथमिक साधन हैं। इस भयंकर महामारी का अंजाम 2020 / 2021 में हम देख चुके हैं। कितने ही लोग इस कोरोना वायरस से मौत के मुंह में पहुँच गए थे। अगर अभी भी सावधानी नहीं बरती गई तो पुनः बड़ी मुसीबत को झेलना पड़ेगा।

