ब्रज की राजधानी मथुरा के थाना फरह के रैपुरा जाट से कैंटर में सवार हुए बदमाशों द्वारा झांसी के आस पास से 7 करोड़ रूपये कीमत के Oppo मोबाइल कुछ हफ्ते पहले लूट लिए गए थे। मोबाइल लूटने वाले चार बदमाशों को स्थानीय पुलिस की सतर्कता के चलते आज पकड़ लिया गया। उनके पास से 47 मोबाइल और लूट की ही एक आल्टो कार बरामद की गयी है।
मथुरा के SP सिटी मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने बताया कि 5 अक्टूबर को प्रातः ग्रेटर नॉएडा के कासना स्थित ‘Oppo’ फैक्ट्री से लगभग 7 करोड़ रुपये कीमत के मोबाइल बंगलुरु के लिए कैंटर से भेजे गए थे। कैंटर को फर्रुखाबाद निवासी मनीष चला रहा था।
फराह थाना क्षेत्र के रैपुरा जाट के समीप दो बदमाश यात्री के रूप में कैंटर में सवार हो गए। वे बबीना टोल पार कर एक ढाबे पर उतरने की कह कर बैठ गए। रात 10 बजे के करीब बबीना टोल प्लाज़ा पार करने के बाद बदमाशों ने कैंटर ड्राइवर मनीष यादव को कब्जे में लेकर उसके मुंह को कपडे से बांध दिया और तमंचे की बट से उसके सर पर हमला कर दिया और नशीला पदार्थ खिलाकर मनीष को बेहोश कर दिया तथा उसे बंधक बनाकर मध्य प्रदेश के मानपुर थाना क्षेत्र के गांव सोमरसा, जिला श्योपुर फेंक गए और कैंटर लेकर फरार हो गए। कैंटर में लगभग 7 करोड़ रूपये कीमत के 8990 मोबाइल फोन थे।
इस मामले में ‘Oppo’ कंपनी के मैनेजर सचिन मानव R/o प्लांट नं0 1, कासना, ग्रेटर नॉएडा ने मुकदमा दर्ज कराया था। SSP मथुरा ने एक पुलिस टीम नॉएडा की STF टीम के साथ घटना का खुलासा करने में लगाई, क्योंकि ADG राजीव कृष्ण (आगरा जोन) ने इस घटना को अति गंभीरता से लिया था और पुलिस टीमों को खुलासे के लिए आदेश दिए थे।
टीम को सूचना मिली थी कि बदमाश थाना फरह क्षेत्र में घूम रहे हैं। पुलिस टीमों ने पूरे क्षेत्र में घेराबंदी कर दी और चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उनके कई साथी फरार हो गए। गिरफ्तार किये गए चारों बदमाशों ने कैंटर लूट की घटना को स्वीकार कर लिया। गिरफ्तार बदमाशों के नाम हैं – रोनी उर्फ़ रोहित, गौरव बंसल, निवासी नूह मेवात, केवल कुमार निवासी मानेसर, राकेश कुमार यादव निवासी गुरुग्राम। इन गिरफ्तार बदमाशों ने पुलिस को बताया कि लूट में हमारे साथ सलीम, नदीम और नियाज़ भी शामिल थे, जो कि फरार हैं। पुलिस टीम उनकी भी तलाश में लगी है। गिरफ्तार बदमाशों से मिले माल की सूचना ‘Oppo’ मोबाइल फैक्टरी को दे दी गयी है।
सामजिक कार्यकर्ता विजय उपाध्याय ने इतनी बड़ी लूट की घटना हो जाने पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि करोड़ों का माल कैंटर से इतनी दूर भेजना था तो साथ में 1-2 सुरक्षा गार्ड भी भेजने चाहिए थे। महज एक ड्राइवर के साथ इतना कीमती माल भेजना कहीं से भी समझदारी नहीं कही जा सकती।

