
T-20 वर्ल्ड कप में भारतीय क्रिकेट टीम पर पकिस्तान की जीत का जश्न मनाना आगरा के राजा बलवंत सिंह कॉलेज में पढ़ने वाले कुछ कश्मीरी छात्रों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। जहाँ इन सभी छात्रों को कॉलेज से निलंबित कर दिया गया है, वहीं आज इनको गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
न्यायालय में पेशी के बाद जैसे ही वह तीनों छात्र बाहर आये, हिन्दूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं के हत्थे चढ़ गए। पुलिस अभिरक्षा में होते हुए भी इन छात्रों की हिंदूवादी कार्यकर्ताओं द्वारा बुरी तरह पिटाई कर दी गयी जिससे पूरे न्यायालय परिसर में हलचल मच गयी। हालांकि न्यायालय परिसर में पुलिस चौकी भी है लेकिन वहां पर तैनात चंद पुलिसकर्मी हमलावरों पर काबू नहीं कर पाए, जिसके बाद क्षेत्रीय थाने से पुलिस ने आकर मामला संभाला और तीनों छात्रों को अपने साथ ले गयी।
एक वरिष्ठ अधिवक्ता के अनुसार न्यायालय परिसर में इस तरह की घटना अच्छी नहीं कही जा सकती। इससे न सिर्फ न्यायालय, बल्कि सम्पूर्ण न्याय व्यवस्था की भी बदनामी होती है। कश्मीरी छात्रों द्वारा अगर कोई जुर्म किया गया है तो सजा तय करने के लिए न्यायालय मौजूद है। इस तरह कानून अपने हाथ में लेकर ‘भीड़ का न्याय’ करने की कोशिश करने वाले इन हमलावरों को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
गौरतलब है कि आगरा के बिचपुरी स्थित राजा बलवंत सिंह इंजीनियरिंग एवं टैक्नोलॉजी कॉलेज में कश्मीरी छात्र भी पढ़ते हैं। रविवार को भारत-पाकिस्तान के बीच हुए क्रिकेट मैच में पाकिस्तान की जीत पर कश्मीरी छात्रों ने कथित तौर पर जश्न मनाया था। जीत की खुशी जाहिर करते हुए इसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी शेयर कर दिया। साथ पढऩे वाले छात्रों ने जब कश्मीरी छात्रों के सोशल मीडिया अकाउंट पर यह जश्न देखा तो उनमें आक्रोश भड़क गया। इसके बाद मामला कालेज कैंपस से बाहर आ गया। फैकल्टी के छात्रों ने कालेज कैंपस के परिसर में कश्मीरी छात्रों के विरोध में नारेबाजी की और कालेज प्रशासन और पुलिस से कार्रवाई की मांग की थी।

