ताजनगरी के अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलीट जतिन कुमार कुशवाह ने एक बार फिर देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने बहरीन में आयोजित ‘वर्ल्ड बोसिया चैलेंजर सीरीज-2024’ में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कांस्य और रजत पदक जीते। इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में आगरा फुटवियर मैन्युफेक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैम्बर (एफमेक) द्वारा आगरा ट्रेड सेंटर, गांव सींगना में एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ हुआ। एफमेक अध्यक्ष पूरन डावर ने अपने संबोधन में जतिन की सफलता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह प्रतियोगिता 14 नवंबर से 20 नवंबर तक आयोजित की गई थी। इसमें विभिन्न देशों के पैरा एथलीट्स ने पदकों के लिए प्रतिस्पर्धा की।
इतिहास रचते हुए कांस्य और रजत पदक
जतिन ने सीनियर वर्ग (बीसी-4 कैटेगरी) में एकल प्रतिस्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑस्ट्रेलिया, यूक्रेन और हंगरी के खिलाड़ियों को हराकर कांस्य पदक जीता। वहीं, युगल प्रतिस्पर्धा में हरियाणा की पूजा गुप्ता के साथ मिलकर कजाकिस्तान को हराकर भारत को रजत पदक दिलाया।
इस अवसर पर पूरन डावर, कन्वीनर कैप्टन एएस राणा, एफमेक उपाध्यक्ष गोपाल गुप्ता एवं राजेश सहगल, सचिव ललित अरोड़ा ने जतिन को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।
अतिथियों ने जतिन को बताया प्रेरणा स्रोत
सम्मान समारोह में उपस्थित अतिथियों ने जतिन को युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। नेशनल चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के अध्यक्ष अतुल गुप्ता, उपाध्यक्ष अंबा प्रसाद गर्ग, मनोज गुप्ता, और आगरा रेडीमेड गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आरके नय्यर ने जतिन को बधाई दी।
राज्य सरकार से भी मिला सम्मान
उत्तर प्रदेश सरकार ने भी जतिन की इस उपलब्धि को सराहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए उन्हें ₹5 लाख की सम्मान राशि प्रदान की गई।
समारोह में प्रमुख व्यक्तियों की उपस्थिति
इस कार्यक्रम में जतिन के पिता तीरथ कुशवाह, एफमेक के प्रदीप वासन, सुनील मनचंदा, चंद्रमोहन सचदेवा, सुधीर गुप्ता, कवि पवन आगरी, और सीसीएलए महासचिव अजय शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन नकुल मनचंदा ने किया।
युवाओं के लिए प्रेरणादायक संदेश
सम्मान समारोह ने युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणादायक संदेश छोड़ा। जतिन की मेहनत और लगन से यह सिद्ध हुआ कि कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

