
ताज ट्रिपेजियम जोन (TTZ) में धूल भरे अंधड़ों का ‘गेटवे’ माने जाने वाले फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में जलस्तर सुधार और वायु प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में अहम पहल शुरू हुई है। ‘तेरहमोरी बांध’ को पुनः जलसंचय योग्य बनाने के लिए ताज ट्रिपेजियम जोन प्राधिकरण ने सिंचाई विभाग से विस्तृत परीक्षण और संस्तुति रिपोर्ट तलब की है।
आगरा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं TTZ की सदस्य-संयोजक श्रीमती एम. अरुन्मोली (आईएएस) ने तृतीय मंडल, सिंचाई कार्य, आगरा के अधीक्षण अभियंता को इस आशय का पत्र भेजते हुए शीघ्र आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
तेरहमोरी बांध मानसून कालीन खारी नदी के प्रवाह को नियंत्रित करने और भूजल पुनर्भरण की दृष्टि से TTZ क्षेत्र की महत्वपूर्ण संरचना है। राजस्थान के अजान बांध (भरतपुर) से डाउनस्ट्रीम डिस्चार्ज, बृजेन्द्र सिंह मोरी के डाउन का वर्षा जल तथा विंध्य पर्वतमाला के विस्तारित रिज क्षेत्रों से आने वाली जलधाराएं इसके प्रमुख स्रोत रहे हैं। अजान बांध से पानी रोके जाने के बावजूद सामान्य मानसून में यहां पर्याप्त जलराशि उपलब्ध होती है, लेकिन लंबे समय से सैल्यूस गेट असंचालित होने के कारण पानी बिना ठहरे बह जाता है।
फतेहपुर सीकरी नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती शबनम इस्लाम ने 21 जनवरी 2026 को मंडलायुक्त एवं TTZ अध्यक्ष को पत्र लिखकर क्षेत्र में सूक्ष्म धूल कणों (PM 2.5) की मौजूदगी और जनस्वास्थ्य पर उसके दुष्प्रभावों को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने मानसून काल में बांध में जल ठहराव सुनिश्चित होने पर भूजल स्तर और वायु गुणवत्ता दोनों में सुधार की संभावना रेखांकित की।
इस मुद्दे पर सिविल सोसायटी ऑफ आगरा के सचिव अनिल शर्मा ने कहा कि तेरहमोरी और खनुआ, दोनों बांध TTZ के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने TTZ द्वारा तेरहमोरी बांध को कार्यशील बनाने के लिए सिंचाई विभाग से जानकारी मांगे जाने का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि खनुआ (खानवा) बांध को भी शीघ्र फंक्शनल बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। अनिल शर्मा ने बताया कि लगभग 22 वर्ग किमी क्षेत्र में फैला खनुआ बांध भूजल रिचार्ज के लिए अत्यंत प्रासंगिक है और उटंगन नदी का उद्गम भी यही है।
उधर, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने भी सूक्ष्म धूल कणों के ग्रामीण स्वास्थ्य पर असर को लेकर प्रदेश के सिंचाई मंत्री को पत्र लिखा है। उन्होंने तेरहमोरी बांध के गेटों की मरम्मत से फतेहपुर सीकरी, अछनेरा और अकोला विकासखंडों में भूजल स्थिति में बड़े सुधार और वृक्षारोपण को बढ़ावा मिलने की बात कही। साथ ही राजस्थान से उटंगन नदी के यूपी हिस्से का डिस्चार्ज सुनिश्चित कराने की मांग की।
उल्लेखनीय है कि तेरहमोरी बांध विश्व धरोहर फतेहपुर सीकरी स्मारक समूह का अंतरिम हिस्सा है और एएसआई की सूची में ‘वायाडक्ट अक्रॉस द रोड लीडिंग टू भरतपुर’ के रूप में दर्ज है। TTZ के निर्देश पर अब सिंचाई विभाग बांध के गेटों की मरम्मत सहित आवश्यक अनुरक्षण पर अध्ययन रिपोर्ट तैयार करेगा, जिससे क्षेत्र में धूल नियंत्रण और जलसंचय, दोनों लक्ष्यों को साधा जा सके।


