सड़क चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर सिस्टम सुधार संगठन (किसान) यूनियन ने तहसील एत्मादपुर के गांव अगरपुर में किसान पंचायत का आयोजन किया। पंचायत में बड़ी संख्या में प्रभावित किसान शामिल हुए और तत्काल प्रभाव से मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई गई। पंचायत में पहुंचे उपजिलाधिकारी एत्मादपुर को किसानों की ओर से एक ज्ञापन सौंपा गया, जिस पर उपजिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि प्रभावित किसानों को शीघ्र ही मुआवजा दिया जाएगा।
हालांकि यूनियन और किसानों ने प्रशासन के समक्ष स्पष्ट कर दिया कि यदि 10 दिनों के भीतर भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया तो 10 फरवरी को सभी प्रभावित व पीड़ित किसान उपजिलाधिकारी कार्यालय पर बैठक करेंगे और मुआवजा न मिलने का कारण पूछेंगे। यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि इस बैठक के बाद भी कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकलता है और मुआवजा नहीं दिया जाता, तो 20 फरवरी को किसानों के साथ ट्रैक्टर मार्च निकालते हुए तहसील मुख्यालय का घेराव किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
किसानों ने बताया कि तहसील एत्मादपुर के गांव बांस मोहन सराय–जलेसर रोड से निकलने वाली लिंक रोड, जो अगरपुर, घड़ी सहजा, घड़ी बाजरा, अरेला, चिरोहली, चावली, बैलोटी, बुर्ज शिव सिंह, नगला ताज, मुखवार, बांस बोडिया आदि गांवों से होकर बरहन तक जाती है, उसका चौड़ीकरण शासन-प्रशासन द्वारा कराया जा रहा है। जब इस सड़क के चौड़ीकरण का कार्य शुरू हुआ था, तब किसानों ने विरोध दर्ज कराते हुए मांग की थी कि भूमि अधिग्रहण बिल 2014 के प्रावधानों के अनुसार मुआवजा दिया जाए, यानी सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा—चाहे भूमि हेक्टेयर में अधिग्रहित हो या वर्ग मीटर में।
किसानों का आरोप है कि प्रशासन ने उनकी मांगों पर अमल नहीं किया और विरोध को शांत करने के लिए यह कहकर सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर करा लिए कि बाद में मुआवजा दे दिया जाएगा। प्रशासन की बात पर विश्वास करते हुए किसानों ने सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर कर दिए, जिसके बाद उनके खेतों से जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया। सड़क चौड़ीकरण का कार्य पूरा हो गया, मिट्टी डाली गई और अब सड़क को गिट्टी डालकर पक्का किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है।
किसानों ने बताया कि मुआवजे की मांग को लेकर इससे पहले भी 25 जनवरी 2026 को गांव अगरपुर में बैठक हुई थी, जहां 30 जनवरी को किसान पंचायत आयोजित करने का ऐलान किया गया था। इसी क्रम में आयोजित पंचायत में सिस्टम सुधार संगठन (किसान) यूनियन ने दो टूक शब्दों में कहा कि बिना किसी देरी के मुआवजा दिया जाए, अन्यथा एक बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
इस किसान पंचायत में सिस्टम सुधार संगठन (किसान) यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अंशुमन ठाकुर, वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी कुशलपाल सिंह (नादऊ), प्रदेश महामंत्री मीनू उस्मानी, मंडल अध्यक्ष पवन सिसोदिया, जिला उपाध्यक्ष टिंकू पुंडीर, मंगल सिंह चौहान, दिनेश परमार, तहसील अध्यक्ष हुकुम सिंह चौहान सहित संजू चौधरी, मानवेंद्र चौहान, तेजवीर सिंह, सुंदर सिंह, देवेंद्र सिंह, रामरूप, रनबीर सिंह, हरि सिंह, पूरन सिंह, श्यामसुंदर शर्मा, गोविंद बघेल, सोनू बघेल, दीपक बघेल, शिवदत्त सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

