ताजमहल को उड़ाने की ईमेल से मिली धमकी के बाद मंगलवार सुबह से ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), जो ताजमहल की आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालता है, ने स्मारक और उसके आसपास के इलाकों की पूरी तरह जांच की। हालांकि, किसी भी प्रकार की भगदड़ से बचने के लिए स्मारक को खाली कराने का आदेश नहीं दिया गया।
1984 के बाद फिर गूंजा धमकी का साया
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब ताजमहल को उड़ाने की धमकी दी गई है। पहली बार ऐसी धमकी 1984 में खालिस्तानी आतंकवाद के चरम पर मिली थी, जिसके कारण स्मारक को रात के समय बंद करने का फैसला लिया गया था। हालांकि, अब केवल महीने में पांच दिन पूर्णिमा के दौरान रात में ताजमहल का दीदार संभव है।
सुरक्षा जांच के बाद पर्यटकों ने खुद छोड़ा परिसर
जैसे ही पुलिस, सीआईएसएफ और बम निरोधक दस्ते ने ताजमहल पर पहुंचकर जांच शुरू की, पर्यटक खुद ही धीरे-धीरे परिसर छोड़ने लगे। लेकिन कोई भगदड़ जैसी स्थिति नहीं हुई। सुरक्षा जांच में स्निफर डॉग्स का भी उपयोग किया गया, जिससे बम की धमकी को गलत साबित किया गया।
ईमेल की जांच जारी
आगरा के डीसीपी सूरज कुमार राय ने बताया कि धमकी भरे ईमेल का आईपी एड्रेस ट्रेस किया जा रहा है और भेजने वाले की पहचान की जा रही है। ताजमहल की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है। एसीपी ताज सुरक्षा सैयद अरीब अहमद ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और इस ईमेल को गंभीरता से लिया जा रहा है।
रात्रि दर्शन पर फिर से संकट
आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चैंबर के सचिव विशाल शर्मा ने कहा कि हाल ही में आगरा के सांसद एसपी सिंह बघेल ने ताजमहल को रात में खुलवाने की योजना पर सुप्रीम कोर्ट और सरकार से चर्चा करने का आश्वासन दिया था। लेकिन इस बम धमकी की वजह से यह संभावना फिर से टल गई है क्योंकि ताजमहल की सुरक्षा सर्वोपरि है।
उन्होंने कहा कि जब-जब ताजमहल के रात्रि दर्शन की योजनाएं बनती हैं, तब-तब इस तरह की धमकियां सामने आती हैं, जिससे पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने की योजनाएं रुक जाती हैं। उन्होंने दावा किया कि ताजमहल की सुरक्षा में तैनात बल हर महीने पूर्णिमा की पांच रातों को शानदार सुरक्षा प्रदान करते हैं, तो इसे हर रात के लिए खोलने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।
धमकी निकली झूठी
पुलिस के अनुसार, यह ईमेल उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय को भेजा गया था, जिसे तत्काल आगरा पुलिस और एएसआई को कार्रवाई के लिए अग्रेषित किया गया। एसीपी सैयद अरीब अहमद ने कहा, “ताजगंज थाने में मामला दर्ज किया जा रहा है। आगे की जांच जारी है।”
यह धमकी झूठी साबित हुई, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे लेकर पूरी तरह सतर्क बनी हुई हैं।

