महिलाओं के प्रति हो रहे अपराधों और उनके कारण प्रताड़ित महिलाओं और बालिकाओं की मनोस्थिति पर होने वाले प्रभाव से पैदा होने वाली समस्याओं के कारण पीड़ित महिलाओं के लिए समाज से वापस जुड़ना न सिर्फ़ मुश्किल हो जाता है, बल्कि पीड़िता के जीवन में उस घटना से जुड़ी ट्रामा सदा के लिए बस जाती है।
इस समस्या से निबटने के लिए आगरा पुलिस द्वारा ‘ऑपरेशन जागृति’ चलाया जा रहा है, जिसमें समाज, विशेषकर महिलाओं को इन समस्याओं से कैसे उबारा जाये, इस पर विचार–विमर्श किया जाता है और महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में कार्य किया जाता है।
शुक्रवार को ऑपरेशन जागृति क्या है, और इसकी क्या आवश्यकता है, इस विषय पर अपर पुलिस महानिदेशक आगरा ज़ोन अनुपम कुलश्रेष्ठ के नेतृत्व और निर्देशन में एक वेबिनार का आयोजन किया गया जिसमें बताया गया कि महिलाओं के प्रति अपराधों के अलावा एक अन्य प्रकार का ट्रेंड सामने आ रहा है जिसमें नाबालिग उम्र की बालिकाएँ लव अफेयर, एलोपमेंट, लिव–इन रिलेशनशिप आदि में फँस जाती हैं और उन्हें फिर उन्हीं हालात के साथ समझौता करना पड़ता है।
एडीजी आगरा ज़ोन ने बताया कि इन समस्याओं से निपटने के लिए आगरा ज़ोन द्वारा ऑपरेशन जागृति – इंटेंसिव कम्युनिटी आउटरीच फॉर इम्पावरिंग वोमेन एंड गर्ल्स फॉर सेफ्टी एंड अवेयरनेस कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
समाज को इस समस्या से कैसे उबारा जाये इस संबंध में यूनिसेफ़ की टीम द्वारा व आगरा ज़ोन के समस्त जनपदों के विभिन्न विभागों एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा अपने सुझाव इस वेबिनार के माध्यम से दिये गये।
उन्होंने बताया कि महिला संबंधी अपराधों में काफ़ी हद तक भूमि विवाद व ग्रामीण क्षेत्रों में माता–पिता द्वारा अपनी बच्चियों से संवाद स्थापित न करना, जिससे बच्चियों अपने आप को मजबूर समझने लगती हैं। लैक ऑफ़ एजुकेशन, लैक ऑफ़ अवेयरनेस की वजह से बच्चियों साइबर अपराधों में ट्रैप हो जाती हैं। इन सभी समस्याओं के मंथन के बाद हमने ऑपरेशन जागृति चलाने का फ़ैसला किया है।
एडीजी ने बताया कि यह एक कंसलिंग बेस्ड प्रोग्राम है जिसको हम आगे ले जाना चाहते हैं। ऑपरेशन जागृति आगरा ज़ोन में 26 अक्तूबर को लॉंच किया जा रहा है। उपरोक्त ऑपरेशन की मॉनिटरिंग हेतु जनपद व ब्लॉक एवं थाने स्तर पर नोडल अधिकारी रखे गये हैं जो ऑपरेशन की हर गतिविधि की रिपोर्ट एवं सहायता प्रदान करेंगे, साथ ही यूनिसेफ़ की सहायता से तैयार पोस्टर एवं सूचना सामग्री भी कार्यकर्ताओं को दी जायेगी। इस ऑपरेशन से न सिर्फ़ मिशन शक्ति के उद्देश्यों को सफल बना सकेंगे बल्कि ज़मीनी स्तर पर महिलाओं व बालिकाओं के प्रति अपराधों में कमी आएगी।

