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सोशल मीडिया में फजीहत के बाद बच्चों को पीटने वाली आगरा बालगृह की अधीक्षिका हुई निलंबित

आगरा में शाहगंज स्थित राजकीय बालगृह (शिशु) में बच्ची को चप्पल से पीटने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हरकत में आये आगरा प्रशासन द्वारा इस मामले में बुधवार को प्रभारी अधीक्षिका पूनम पाल के खिलाफ विभाग की ओर से केस दर्ज करा दिया गया है। पूनम पाल के खिलाफ आये तमाम…

Poonam Pal suspended for beating kids at Agra Childrens Home

Poonam Pal suspended for beating kids at Agra Childrens Homeआगरा में शाहगंज स्थित राजकीय बालगृह (शिशु) में बच्ची को चप्पल से पीटने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हरकत में आये आगरा प्रशासन द्वारा इस मामले में बुधवार को प्रभारी अधीक्षिका पूनम पाल के खिलाफ विभाग की ओर से केस दर्ज करा दिया गया है।

पूनम पाल के खिलाफ आये तमाम आरोपों और कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य द्वारा संज्ञान लिए जाने पर शाहगंज थाने में दर्ज हुई इस एफआईआर के बाद अधीक्षिका पूनम पाल को निलंबित करते हुए लखनऊ निदेशालय से संबद्ध कर दिया गया है।

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एफआईआर की मांग को लेकर बुधवार को बाल अधिकार कार्यकर्ता नरेश पारस ने कलेक्ट्रेट में शिकायत दर्ज कराई थी। इससे पहले ही कैबिनेट मंत्री ने संज्ञान लेते हुए किशोर एवं बाल अधिकार संरक्षण की धारा 75 के तहत एफआईआर के निर्देश प्रोबेशन विभाग को दिए थे। जिला प्रोबेशन अधिकारी (डीपीओ) अजय पाल ने बताया कि प्रभारी अधीक्षिका को निलंबित किया जा चुका है।

उधर, बालगृह की आया व रसोइया ने पूनम पाल पर अन्य गंभीर आरोप भी लगाए हैं। जिसमें बच्चों से मालिश कराना, कर्मियों से कपड़े धुलवाना, बालगृह को विलासिता का अड्डा बनाने के अलावा प्रयागराज में तैनाती के दौरान 6 महीने जेल में निरुद्ध रहने के आरोप शामिल हैं। डीपीओ अजय पाल सिंह का कहना है कि प्रयागराज या अन्य जिलों में तैनाती के दौरान लगे आरोपों की जांच के लिए एक कमेटी गठित की जा रही है। कमेटी की जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

सोशल मीडिया में मंगलवार को राजकीय शिशु गृह के तीन वीडियो वायरल हुए थे। एक वीडियो चार सितंबर का बताया जा रहा है, जबकि दो अन्य पुराने बताए गए हैं। एक वीडियो में शिशु गृह अधीक्षिका बच्ची को मनहूस बता बुरी तरह चप्पलों से पीटती है। वहीं दूसरे वीडियो में बच्चे को हाथ-पैर बांधकर पीटा जा रहा है। यह वीडियो जारी होने के बाद देश भर में हड़कंप मच गया था।

मंगलवार सुबह 11 बजे शिशु गृह की आया कविता कर्दम, बेबी, दीपाली और रसोइया सुनीता इसकी शिकायत लेकर डीएम भानु चंद्र गोस्वामी के पास पहुंचीं। जिलाधिकारी  जांच के लिए डीपीओ और सिटी मजिस्ट्रेट को भेजा था। दोनों अधिकारियों ने बच्चों और कर्मचारियों से अलग-अलग बात की। इसके बाद अधीक्षिका के बयान भी दर्ज किए। शाम को पूरे मामले की रिपोर्ट महिला कल्याण निदेशालय लखनऊ को भेज दी गई और बुधवार को अधीक्षिका पूनम पाल को निलंबित कर लखनऊ मुख्यालय से अटैच कर दिया गया था।

 

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