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पांच महीने से थी लापता, यमुना के बीहड़ में मिला कंकाल

पाँच महीने से आगरा के कमला नगर से लापता महिला प्रेमलता की लाश उसके प्रेमी की निशानदेही पर आगरा पुलिस ने फॉउन्ड्री नगर के पास यमुना के खादर से बरामद कर ली है। महिला का भाई अतुल चार फ़रवरी से लापता बहन की तलाश में पुलिस अधिकारियों के चक्कर काट रहा था लेकिन कोई सुनवाई…

Premlata was allegedly murdered by Sher Singh in Agra

Premlata was allegedly murdered by Sher Singh in Agraपाँच महीने से आगरा के कमला नगर से लापता महिला प्रेमलता की लाश उसके प्रेमी की निशानदेही पर आगरा पुलिस ने फॉउन्ड्री नगर के पास यमुना के खादर से बरामद कर ली है। महिला का भाई अतुल चार फ़रवरी से लापता बहन की तलाश में पुलिस अधिकारियों के चक्कर काट रहा था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई जिसके बाद उसने पुलिस कमिश्नर के सामने जाकर अपनी आपबीती सुनाई।

आख़िरकार पुलिस हरकत में आई और प्रेमलता का कंकाल पाँच महीने बाद यमुना के खादर से बरामद किया गया। उसका प्रेमी शेर सिंह ही उसका हत्यारा निकला, जिसे पुलिस ने हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार कर लिया है।

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उपलब्ध जानकारी के अनुसार 40 वर्षीय प्रेमलता, जो आगरा के कमला नगर क्षेत्र की रहने वाली थी, 4 फ़रवरी को अपने घर से ननद की शादी के लिए खरीदारी को बाज़ार जाने के लिए निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी। बहन के पूरी रात ग़ायब रहने से चिंतित अतुल ने थाने में जाकर उसकी गुमशुदगी की सूचना दी लेकिन पुलिस ने उसे खोजने की कोशिश नहीं की। बाद में जब उसको शेर सिंह के बारे में पता चला तो उसने शेर सिंह को ही अपनी बहन की गुमशुदगी का ज़िम्मेदार बताते हुए नामज़द तहरीर थाना कमला नगर में दी, लेकिन उसकी एफ़आईआर दर्ज नहीं की गई। पाँच माह भटकने के बाद आख़िरकार जब वो आगरा पुलिस कमिश्नर डॉ0 प्रीतिंदर सिंह से अपनी फ़रियाद लेकर मिला, तो कमिश्नर के आदेश पर मामला दर्ज किया गया और शेर सिंह की तलाश में पुलिस टीमें लगाई गईं। कॉल डिटेल के जरिए पुलिस उसके हाथरस के रहने वाले प्रेमी शेर सिंह उर्फ रोहित तक पहुंची, जो फ़िलहाल हरियाणा के सोनीपत में रह रहा था।

आगरा के डिप्टी पुलिस कमिश्नर (सिटी) सूरज कुमार राय ने बताया कि प्रेमलता ट्रांस यमुना कॉलोनी स्थित प्रिय हॉस्पिटल में नर्स थी और उसकी सहकर्मियों के अनुसार उसके एक सहकर्मी शेर सिंह से निकट संबंध थे, जिसके साथ उसे आख़िरी बार देखा गया था। प्रेमलता और शेर सिंह दो साल से एक दूसरे को जानते थे लेकिन पिछले साल से उनमें मनमुटाव चल रहा था और ग़ायब होने से कुछ समय पहले प्रेमलता को शेर सिंह के साथ ही देखा गया था।

डीसीपी राय ने बताया कि पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर शेर सिंह ने अपना गुनाह क़ुबूल कर लिया और बताया कि उसने पहले प्रेमलता को फ्रूटी में नींद की गोली मिलाकर पिला दी और उसके बेहोश होने पर उसका गला दबा कर मार डाला। प्रेमलता की लाश को उसने फॉउन्ड्री नगर के पास यमुना के खादर में दफ़ना दिया। शेर सिंह ने पुलिस को बताया है कि प्रेमलता से संबंधों के कारण उसकी पत्नी ने उसे छोड़ दिया था और उसकी आधी तनख़्वाह प्रेमलता ले लेती थी। वह प्रेमलता की बढ़ती हुई पैसे की माँग से परेशान हो गया था जिसके कारण उसने इस वारदात को अंजाम दिया।

डीसीपी सिटी सूरज राय ने कहा कि शेर सिंह की निशानदेही पर मिले कंकाल की पुष्टि के लिए डीएनए परीक्षण कराया जाएगा। डीएनए जाँच में पुष्टि होने के बाद शेर सिंह के खिलाफ हत्या का केस भी दर्ज किया जाएगा।

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