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आगरा के सपा नेता के यहाँ इनकम टैक्स का छापा

Income Tax Raid

Income Tax Raid उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की गर्माहट शुरू होते ही विपक्षी सियासी पार्टियों से जुड़े एवं उनके समर्थकों पर कड़ाई होती दिख रही है। आज सपा समर्थक उद्योगपति मनोज यादव के न्यू आगरा स्थित निवास पर इनकम टैक्स का छापा मार कर अवैध धनराशि एवं दस्तावेज दूसरे जिलों से आये इनकम टैक्स अधिकारियों ने अपने कब्जे में ले लिए।

इस छापे का सपा के स्थानीय नेताओं ने कड़ा विरोध किया तो आयकर अधिकारियों को स्थानीय पुलिस को अपनी सुरक्षा हेतु बुलाना पड़ा। आगरा के एक वरिष्ठ सपा नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में पुनः भाजपा की सरकार बनाने हेतु अपने विरोधियों के खिलाफ तमाम तरह के हथकंडे अपना रहे हैं और सत्ता का दुरूपयोग कर रहे हैं।

सपा नेता का कहना था कि मोदी का पूरा फोकस इस समय उत्तर प्रदेश पर लग गया हाउ क्योंकि वह उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले से सांसद का चुनाव जीतकर प्रधानमन्त्री की कुर्सी पर विराजमान हैं। उनका कहना था कि मोदी शायद यह भूल गए कि वह पूरे देश के प्रधानमंत्री हैं, क्योंकि इस समय वह खुद को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री समझ रहे हैं और एक ही महीने में प्रदेश के कई दौरे सरकारी खर्चे पर कर चुके हैं।

इसी सन्दर्भ में सपा के शहर अध्यक्ष वाजिद निसार ने बताया कि आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रातः 5 बजे ही, जब सब लोग गहरी नींद में थे, उत्तर प्रदेश के लखनऊ, आगरा, मैनपुरी, मऊ और यहाँ तक कि बंगलुरु आदि लगभग एक दर्जन ठिकानों पर छापा मारा और अनेक दस्तावेज जब्त किये।

वाजिब ने बताया कि सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के OSD रहे जैनेन्द्र यादव उर्फ़ नीटू के लखनऊ स्थित निवास पर प्रातः आयकर विभाग की टीम छापा मारने पहुंची तथा मऊ निवासी सपा प्रवक्ता राजीव राज के यहाँ भी छापा मारकर अनेक दर्तावेज अपने कब्जे में लिए।

सपा प्रवक्ता राजीव राय ने बताया कि मेरा सिर्फ दो कमरों का घर है। उत्तर प्रदेश में मेरा कोई कारोबार नहीं है। मेरा कोई ठेका या पट्टा भी नहीं है, इसलिए मैंने ऐसे छापों से डरने वाला नहीं हूँ। राज ने बताया कि अखिलेश यादव के OSD रहे जैनेन्द्र यादव और कपडा कारोबारी राहुल भसीन सपा मुखिया के बेहद करीबी हैं। पार्टी के अहम् कामकाज निबटाने की जिम्मेदारी उन्हें दी हुई है। अगर यह अखिलेश यादव एवं सपा के करीबी नहीं होते तो मुझे विशवास हैं कि इनके यहाँ आयकर का छापा नहीं डाला जाता। 

सपा सरकार के दौरान आगरा डिवीज़न के मैनपुरी जिले की राज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (RCL) को 197 करोड़ रुपये का ताजगंज प्रोजेक्ट मिला था। ताजमहल के 500 मीटर के दायरे में कॉबल स्टोन, ग्रेनाइट लगाने, यूटिलिटी डक्ट, कैमरे, फायर सिस्टम का पूरा जिम्मा RCL के पास ही था। ASI ने ताजमहल के 500 मीटर के दायरे में ताजगंज प्रोजेक्ट के कामों पर प्रश्नचिन्ह लगाया था, तब उत्तर प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में अनुमति हेतु भी गयी थी।

अब आगरा के उन  तीन फर्म संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है जिन्होंने ताजगंज प्रोजेक्ट का काम मिल कर किया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार RCL की कुल शेयर कैपिटल 2 अरब के करीब है। कम्पनी का सालाना टर्नओवर 500 करोड़ रूपये तक है। कम्पनी में मनोज यादव की पत्नी सरिता यादव भी डायरेक्टर हैं जो कि घिरोर से ब्लॉक प्रमुख भी रह चुकी हैं। 

इस सम्बन्ध में टिप्पणी करते हुए सपा मुखिया अखिलेश यादव का कहना था कि साइकिल की बढ़ती रफ़्तार से भाजपा घबरा गई है। इसलिए सपा नेताओं के यहाँ छापामारी कराई जा रही है। अभी तो भाजपा सरकार CBI और ED को भी भेज सकती है। चुनाव के नकट आते ही छापे क्यों मारे जा रहे हैं? हम घबराने वाले नहीं हैं ऐसे छापों से। हम जनता के बीच जाते रहेंगे लेकिन साइकिल की रफ़्तार कम नहीं होगी। जनता अब बदलाव चाहती है।