भारतीय मुस्लिम विकास परिषद् के तत्वावधान में आज आगरा में अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।
इस मौके पर परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष समी आगाई ने मोदी और योगी सरकार की कार्यप्रणाली पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह सरकारें अल्पसंख्यक वर्ग के साथ अन्याय कर रही हैं। देश के हर कोने में अल्पसंख्यकों की इबादतगाहों को नुक्सान पहुंचाया जा रहा है। बहुसंख्यक वर्ग द्वारा किये जा रहे अन्यायपूर्ण जुल्मों को रोकने में यह सरकारें असफल सिद्ध हुई हैं। जुल्म के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हो रही।
आगाई ने कहा कि वर्तमान स्थिति बहुत चिंताजनक है। खुलेआम मुसलामानों के नबी मोहम्मद साहब को अपमानित किया जा रहा है। ईसाइयों के चर्चों पर हमला किया जा रहा है। सिख समाज के लोगों पर गाड़ियां चढ़ा दी जाती हैं। आखिर ऐसा कब तक होगा। हम समाज को किस मोड़ पर ले जा रहे हैं।
प्रताप पुरा स्थित चर्च के फादर मून लाजरस ने इस मौके पर कहा कि वर्तमान समय बहुत नाजुक मोड़ पर है। अल्पसंख्यक वर्ग को बहुत संभल कर चलना है। हमें सोचना होगा कि वर्तमान सरकार से अल्पसंख्यक वर्ग अपनी मांगें कैसे मनवाये। लड़ाई झगड़ा करके हम स्वयं ही मुसीबत में फंस सकते हैं इसलिए प्यार से और कानूनी लड़ाई से ही अपना हक़ प्राप्त करना होगा।
सर्वदलीय मुस्लिम एक्शन कमिटी के अध्यक्ष सय्यद इरफ़ान सलीम का कहना था कि सरकारी योजनाओं का लाभ अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों को नहीं मिल रहा है। उनके क्रियान्वयन में भेदभाव बरता जा रहा है। अब समय आ गया है कि अल्पसंख्यक वर्ग को सीना तान कर चलना होगा और अपना हक़ अवश्य मांगना होगा।

हिंदुस्तानी बिरादरी के अध्यक्ष डॉ0 सिराज कुरैशी ने कहा कि हिन्दुस्तान एक बगीचे के समान है। इसमें विभिन्न जाती और वर्ग के लोग फूलों की तरह अपनी खुश्बू बिखेरते रहते हैं। सिर्फ एक प्रकार के फूलों वाले स्थान को बगीचा नहीं खेत कहते हैं। अगर इस बगीचे के बारे में सब मिलकर नहीं सोचेंगे तो सारे फूल मुरझा जायेंगे। इसलिए हमें समझना होगा कि हम पहले हिंदुस्तानी हैं, धर्म हमेशा देश के बाद में आता है। अल्पसंख्यक वर्ग को सियासी हथकंडों से बचना होगा।

