आजकल अमीरजादों की पार्टियां ज्यादातर 3 और पांच सितारा होटलों में चलती हुई देखी जा सकती हैं। एक समय था जब ऐसी पार्टियां केवल ‘न्यू ईयर ईव’ को ही देखने को मिलती थीं। वर्तमान में ज्यादातर इन पार्टियों को करने के लिए इन अमीरजादों ने संडे का दिन चुन रखा है।
इन पार्टियों में देखने को मिलता है कि यह अमीरजादे ड्रग्स का जमकर सेवन करते हैं। इन पार्टियों के आयोजन को न केवल आगरा के, बल्कि मथुरा, फ़िरोज़ाबाद, भरतपुर तक के अमीरजादे कीमती चार पहिया गाड़ियों में भर कर आगरा के होटलों में आते हैं। इन अमीरजादों में ज्यादातर वह नवयुवक देखने को मिलते हैं जिनका ‘बर्थडे’ होता है।
ऐसी पार्टियों में Mephedrone और Ecstacy जैसी ड्रग्स का चलन अधिकतर देखा जाता है। केवल होटल ही नहीं बल्कि आगरा के कई फार्महाउस भी इस तरह के आयोजनों के लिए आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं।
एक अमीरजादे ने अपना नाम न बताते हुए कहा कि Cocaine के बहुत महंगे होने के कारण MD (Mephedrone) का ज्यादातर इस्तेमाल होने लगा है। एक ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि मेफेड्रोन ड्रग को उच्च-मध्यम वर्ग के युवाओं ने Cocaine का नाम दिया हुआ है, क्योंकि Cocaine 6 – 8 हज़ार रुपये प्रति ग्राम मिलती है जबकि Mephedrone 2-4 हज़ार रुपये प्रति ग्राम में आसानी से उपलब्ध हो जाती है। Mephedrone को कई नामों से जाना जाता है और इसको देश में ही कई फार्मा कंपनी बनाती हैं, जबकि Cocaine अमूमन अमरीका से तस्करी करके लाई जाती है और इतनी सुलभता से उपलब्ध नहीं होती।
सूत्रों ने बताया कि सफ़ेद पाउडर के रूप में बिकने वाली Mephedrone की बिक्री प्रारम्भ में इंटरनेट के माध्यम से की गई थी। इसे Speed-Ecstacy तथा Cocaine के substitute के रूप में बाजार में बेचा जाता है। जांच से बचने के लिए इसको ‘Plant Food’ और ‘Bath Salts’ लिखकर भी पैकेट बनाकर भेजा जाता है, जिसपर लिख दिया जाता है कि ‘मनुष्यों के सेवन के लिए नहीं’। इसे नाक के जरिये सांस से खींच कर, गोलियों के रूप में अथवा इंजेक्शन के माध्यम से भी इस्तेमाल किया जाता है। बताया जाता है कि नाक के माध्यम से MD को सांस में खींचने पर इंसान को बहुत अधिक आत्मविश्वास, स्फूर्ति, आनंद का अतिरेक, नाचने की तीव्र इच्छा तथा हल्कापन महसूस होता है। इसे इस्तेमाल करने के बाद व्यक्ति बहुत अधिक बोलता है।
नामचीन फिजिशियन डॉ0 एस के कालरा ने बताया कि ड्रग्स की अधिक मात्रा लेने से इंसान की मौत भी हो सकती है, तथा लगातार सेवन करने से मस्तिष्क सम्बन्धी बीमारियां, मेमोरी लॉस, और कार्डियक अरेस्ट का खतरा भी बढ़ जाता है। प्रसिद्ध फिल्मस्टार शाहरुख़ खान के बेटे और साथियों के पास मिला ड्रग Ecstacy भी इसी तरह का प्रभाव उत्पन्न करता है। इसकी एक गोली की कीमत 1200 रुपए तक होती है और रेव पार्टियों में इसका चलन ज्यादा होता है। अभी हजारों करोड़ रुपये की जो Heroin गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर जब्त की गई है, वह भी भारत की युवा पीढ़ी को बर्बाद करने के लिए लाई जा रही थी।
सामजिक कार्यकर्ता समीर का कहना था कि ड्रग कोई भी हो, शरीर को अवश्य हानि पहुंचाता है। ड्रग्स के इस्तेमाल की लत की वजह से कई परिवार भी बर्बाद हो गए हैं क्योंकि इंसान की आधी कमाई ड्रग्स में खर्च होती है तथा आधी से परिवार का मुश्किल से गुजारा चलता है, जिसके कारण इंसान आत्महत्या तक कर लेता है।
पत्रकार विजय उपाध्याय का कहना था कि ड्रग्स के नुक्सान के बारे में सामजिक संस्थाओं को आगे आकर युवा पीढ़ी को बताना चाहिए तथा बड़े-बड़े होटलों में जो पार्टियां देर रात तक चलती हैं उनपर पुलिस और NCB को नजर रखनी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर ड्रग्स के लिए चेकिंग भी करनी चाहिए।

