Ram Shankar Katheria

Ram Shankar Katheriaपूर्व केंद्रीय मंत्री राम शंकर कठेरिया के खिलाफ अदालत में उपस्थित न होने के कारण गैर जमानती वारंट जारी हो गए हैं। आगरा से लोक सभा का चुनाव लड़कर लोक सभा में गए और केंद्रीय राज्य मंत्री बने राम शंकर कठेरिया वर्तमान में इटावा के सांसद हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कठेरिया पर सन 2009 में रेलवे सुरक्षा बल ने आगरा कैंट पुलिस स्टेशन 16 सितम्बर 2009 में मुकदमा दर्ज कराया था, लेकिन कठेरिया आज तक कोर्ट में हाजिर नहीं हुए इसलिए विशेष न्यायाधीश ( एमपी / एम एल ए कोर्ट ) नीरज गौतम ने अग्रिम कार्यवाही के लिए पत्रावली पर 27 सितम्बर की तारीख नियत करते हुए तथा गैर जमानती वारंट जारी करते हुए कोर्ट में हाजिर होने का आदेश पारित किया है।

11 साल पुराने प्रकरण में उच्च न्यायालय की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे वकीलों के समर्थन में 26 सितम्बर 2009 को रेल रोकने के आरोप में सांसद राम शंकर कठेरिया के अतिरिक्त पूर्व विधायक बाबू लाल, कांग्रेस महिला नेता इंदिरा वर्मा, उच्च न्यायालय खंड पीठ स्थापना संघर्ष समिति के संयोजक एवं वरिष्ठ अभिवक्ता के डी शर्मा और अरुण सोलंकी, कुंवर शैलराज सिंह आदि के नाम भी इस मुक़दमे में शामिल हैं। एक सीनियर एडवोकेट ने बताया है कि अन्य आरोपियों की पत्रावली अलग करने के कारण सांसद राम शंकर कठेरिया के खिलाफ इस केस की सुनवाई अलग से हो रही है। 

सांसद कठेरिया के 13 सितम्बर को अदालत में उक्त मुक़दमे में बयान एक मुल्जिम के रूप में दर्ज किये जाने थे, जिसमें कठेरिया को खुद पर लगे आरोपों की सफाई में अपना पक्ष रखना था लेकिन न ही सांसद कठेरिया हाजिर हुए और न ही उनके वकील द्वारा हाजिरी माफ़ी या स्थगन प्राथना पत्र ही अदालत में प्रस्तुत किया गया।

इस पर कानून के मुताबिक विशेष न्यायाधीश (एमपी / एम एल ए कोर्ट) नीरज गौतम ने सांसद कठेरिया के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए पत्रावली पर अगली तारीख 27 सितबर नियत की है। 

सामाजिक कार्यकर्ता कामिर का यह कहना उचित लगा कि सांसद या विधायक सदैव जनता की सेवा में लगे रहते हैं, हो सकता है कि व्यस्तता के कारण कठेरिया कोर्ट में पेश नहीं हुए होंगे कठेरिया एक भाजपा नेता के साथ-साथ समाज के प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं। आगरा के सांसद रहते हुए उन्होंने आगरा के हर वर्ग की सेवा की है। अब वर्तमान में इटावा के सांसद होने पर वहां के विकास और जनता की सेवा में लगे हैं। उनका परिवार वर्तमान में आगरा में ही रहता है जबकि कठेरिया आगरा आते है तब भी यहाँ के लोगों के काम करने हेतु तत्पर रहते हैं। अब अदालत को उनके कामों को मद्दे नजर रखते हुए सोचना होगा। 

S Qureshi