उत्तर प्रदेश के विवादास्पद पूर्व मंत्री चौधरी बशीर (Chaudhary Bashir) को गुरुवार को आगरा पुलिस ने पत्नी को तीन तलाक देने के आरोप में गिरफ़्तार करके जेल भेज दिया। बशीर का अग्रिम जमानत पत्र पूर्व में ही न्यायालय द्वारा खारिज कर दिया गया था।
बशीर के खिलाफ उनकी पत्नी नगमा ने आरोप लगाया था कि वो आगरा के गोबर चौकी क्षेत्र में अपने मायके में रह रही थीं और उनको किसी से सूचना मिली थी कि उनके ढोलीखार (मंटोला) निवासी पति चौधरी बशीर (Chaudhary Bashir) ने शाइस्ता नाम की महिला से छठा निकाह कर लिया है। जब वे 23 जुलाई को अपनी ससुराल पहुंचीं तो उनका आरोप है कि बशीर ने उन्हें तीन तलाक बोलकर घर से निकाल दिया।
आगरा के लाखों पाठकों तक अपना व्यापार पहुँचाएं — कम बजट में बड़ा असर!
📲 WhatsApp पर विज्ञापन बुक करेंउपरोक्त मुकदमा थाना मंटोला में दर्ज हुआ था जिसके बाद पुलिस लगातार बशीर की तलाश में दबिश दे रही थी लेकिन वो फरार चल रहे थे। इस बीच बशीर ने न्यायालय में अग्रिम जमानत का प्रार्थनापत्र भी दिया, लेकिन वो खारिज हो गया। कहा जा रहा है कि जमानत की प्रार्थना खारिज हो जाने के बाद बशीर (Chaudhary Bashir) ने खुद ही थाने में आकर आत्मसमर्पण कर दिया जिसके बाद उन्हें गिरफ़्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। वहाँ से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार बशीर का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है जिसके कारण अपर जिला जज प्रथम सुधीर कुमार ने पूर्व मंत्री का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। अब मंटोला पुलिस बशीर (Chaudhary Bashir) के खिलाफ दर्ज अन्य मुकदमों की भी जानकारी लेकर उनपर कार्यवाही शुरू कर रही है।
