उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिला अस्पताल के स्टाफ की लापरवाही के कारण एक नवजात शिशु की वॉर्मर मशीन में जलकर मौत हो गई। मशीन में रखे गए शिशु की खाल झुलस गई थी और उसमें से धुआं निकल रहा था। सूचना पर सीएमएस डॉ. दीपक सेठ सहित अन्य चिकित्सक मौके पर पहुंचे, लेकिन बच्चे को बचाया नहीं जा सका। परिवार वालों का कहना है कि एसएनसीयू वार्ड (Special Newborn Care Unit ) का स्टाफ मोबाइल चलाने में मस्त रहा और उसने बच्चे की देखभाल नहीं की। घटना की तहरीर सदर कोतवाली पुलिस को दी गई है।
फतेहपुर जिले के खखरेरू निवासी जुनैद की पत्नी महेलिका को शुक्रवार शाम प्रसव पीड़ा हुई। इस पर घरवाले महेलिका का प्रसव कराने जिला अस्पताल लाए। शाम 6.15 बजे मेहिलिका ने बेटे को जन्म दिया। रात 9.14 बजे राउंड पर गए चिकित्सक ने सलाह दी कि बच्चा सक्शन (दूध नहीं पी पा रहा है) नहीं कर पा रहा है। इस वजह से उन्होंने कौशांबी( Kaushambi) जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में शिशु को भर्ती करने की सलाह दी। जुनैद के बड़े भाई जावेद का कहना है कि 15 अगस्त सुबह छह बजे बच्चे की नानी डायपर बदलने गई तो सब ठीक था। उन्होंने मोबाइल में मस्त स्टाफ से बच्चेे को देखने के लिए कहा, लेकिन कोई कुर्सी से नहीं हिला।
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📲 WhatsApp पर विज्ञापन बुक करेंपूरा स्टाफ मोबाइल चलाने में ही व्यस्त रहा। इसके करीब एक घंटे बाद परिवार के अन्य लोग वार्ड पहुंचे तो बच्चे के शरीर से धुआं निकल रहा था। स्टाफ के साथ पास जाकर देखा तो उसकी सांसें थम चुकी थीं। बच्चे के शरीर की झुलस जल गई थी। घटना से पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। इसकी शिकायत कौशांबी( Kaushambi) में सीएमएस व सदर कोतवाली पुलिस से की गई है। सूचना पर इंस्पेक्टर मंझनपुर मनीष पांडेय मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से तहरीर ली।
