
आगरा। विद्युत शवदाह गृह में कोरोना संक्रमितों के अंतिम संस्कार के समय उनके सगे संबंधी और रिश्तेदार तक नहीं शामिल हो पा रहे हैं। वहीं, कई मृतकों को कंधा देने वाले भी नहीं मिल पा रहे हैं। पिछले दिनों एक बेटे द्वारा कार में पिता का शव और उसकी छत पर टिकठी रखकर विद्युत शवदाह गृह पहुंचने का वीडियो इंटरनेट मीडिया में वायरल हुआ था। लोगों के अंतिम संस्कार में शामिल न होने का कारण उनके कोराेना संक्रमित होने का खतरा है। इसे देखते हुए विद्युत शवदाह गृह कमेटी अब स्वजनों के लिए अंतिम संस्कार को अपनी अांखों से लाइव देखने की व्यवस्था करने की तैयारी कर रही है। इससे कि उनका दर्द कुछ हद तक कम किया जा सके।
अप्रैल में एक हजार से ज्यादा शवों का अंतिम संस्कार
अप्रैल में विद्युत शवदाह गृह पर एक हजार से ज्यादा शवों का अंतिम संस्कार किया गया। इनमें दर्जनों कोरोना संक्रमित भी शामिल हैं। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे शव थे, जिन्हें कंधा देने के लिए चार लोग भी नहीं थे। वहीं मई में अब तक करीब दो सौ शवों का अंतिम संस्कार किया जा चुका है।इनमें ताजगंज की बुजुर्ग महिला की कोराेना संक्रमण से मौत होने पर उनका अंतिम संस्कार पुलिस ने किया। महिला के दोनों बेटे दुबई में थे। अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट बंद होने के चलते वह मां को कंधा देने तक नहीं आ सके थे।
संजीव कुमार गुप्ता, प्रभारी विद्युत शवदाह गृह ने बताया महामारी में अपनों के अंतिम संस्कार में शामिल न होने की लोगों की दिक्कत काे देखते हुए इसे लाइव करने की योजना है। इसके लिए साफ्टवेयर इंजीनियरों से सेटअप तैयार करने के संबंध में बातचीत की जा रही है। इससे कि अपनों के अंतिम अंतिम संस्कार की क्रिया को अपने मोबाइल पर लाइव देख सकें। इसके लिए उन्हें पासवर्ड उपलब्ध कराया जाएगा। जो कि 30 मिनट तक वैध होगा।

