आगरा के ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र में 23 जनवरी को जेल से हाल ही में छूटे कुख्यात युवक राज चौहान की सनसनीखेज हत्या (Raj Chauhan Murder) से शुरू हुई घटनाओं की श्रृंखला का बुधवार देर रात पुलिस ने खुलासा कर दिया। जलेसर मार्ग स्थित एसएन स्टे गेस्ट हाउस में राज चौहान को सात गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था। यह हत्याकांड इलाके में वर्चस्व की जंग का परिणाम माना गया, जिसने यमुना पार क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय दबंग गुटों के बीच तनाव को उजागर कर दिया।
हत्या के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर गहन जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और स्थानीय सूचनाओं के आधार पर पांच आरोपियों, आशु तिवारी, अरबाज खान उर्फ मंसूरी, विष्णु पंडित, आकाश प्रजापति और मोहित पंडित, को चिह्नित किया गया। डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास के अनुसार, सभी आरोपी घटना के बाद फरार हो गए थे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की गईं और प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया।
बुधवार देर रात पुलिस को पहली सफलता तब मिली जब थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र में खत्ता घर के पास बाइक से जा रहे मोहित पंडित को घेर लिया गया। पुलिस को देखते ही उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह पैर में गोली लगने से घायल हो गया। उसके पास से तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद की गई। मोहित पंडित मूल रूप से एटा का निवासी है और वर्तमान में ट्रांस यमुना इलाके में रह रहा था। इसके बाद डौकी थाना क्षेत्र में आशु तिवारी को भी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। उसने भी पुलिस पर फायरिंग की थी और जवाबी कार्रवाई में घायल हो गया। दोनों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इसी दौरान तीन अन्य आरोपी, अरबाज खान उर्फ मंसूरी, विष्णु पंडित और आकाश प्रजापति, मौके से फरार हो गए। पुलिस ने रात में ही इलाके की घेराबंदी कर दी। कुछ घंटों बाद मुख्य आरोपी अरबाज खान उर्फ मंसूरी को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस उसे तमंचे की बरामदगी के लिए टेड़ी बगिया क्षेत्र स्थित कांशीराम आवास के पास ले जा रही थी, तभी उसने उपनिरीक्षक की सरकारी पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस फायरिंग में आरक्षी मनोज कुमार और उपनिरीक्षक ऋषि घायल हो गए, जबकि थाना प्रभारी ट्रांस यमुना हरेंद्र गुर्जर और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक भानु प्रताप की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोलियां लगीं।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में अरबाज खान के सीने और दाहिने पैर में गोली लगी। उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार अरबाज खान का आपराधिक इतिहास रहा है। घायल पुलिसकर्मियों का जिला अस्पताल में उपचार जारी है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
जांच में सामने आया कि मृतक राज चौहान, सादाबाद के गांव बेदई का निवासी था और दो दिसंबर को ही जेल से जमानत पर बाहर आया था। जेल से छूटने के बाद उसने जुलूस भी निकाला था और इलाके में दबंगई दिखा रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह जुआ और लूट जैसी वारदातों में भी संलिप्त रहा था और क्षेत्र के अन्य रंगबाजों से उसका विवाद चल रहा था। हत्या से तीन दिन पहले एक गुट द्वारा खुलेआम यह एलान किया गया था कि “जो जिंदा रहेगा, वही राज करेगा”, जिसके बाद इस हत्याकांड (Raj Chauhan Murder) को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए यमुना पार इलाके में 34 से अधिक दबंगों को चिह्नित किया है, जिनकी सूची तैयार कर ली गई है। इनमें शिवम, भोला, मलिक, दीपक, वरुण, रोहित फौजी, आर्यन, राज बड़ा, कन्हैया, उदय, रमता, हिमांशु, विशाल, सनी परमार, दीपू, सूखा, विशाल जाटव सहित अन्य नाम शामिल हैं। इसके अलावा अरबाज उर्फ मंसूरी, कुलदीप, मोहित पंडित, आकाश प्रजापति, विष्णु पंडित, मनीष जाटव, आदिल, ऋषभ, अरमान और जहीर के गिरोह को भी चिह्नित किया गया है। पुलिस का कहना है कि इन सभी के खिलाफ चरणबद्ध तरीके से सख्त कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।
पुलिस ने यह भी बताया कि मृतक राज चौहान (Raj Chauhan Murder) की मां ने दो हिस्ट्रीशीटरों के नाम पुलिस को बताए हैं। इनमें से एक का नाम उन्होंने भाजपा विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह के सामने भी लिया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। लखनऊ से निर्देश मिलने के बाद उस हिस्ट्रीशीटर का नाम भी कार्रवाई सूची में शामिल कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि सभी संदिग्ध फिलहाल कहां छिपे हुए हैं।
पुलिस आयुक्त आगरा दीपक कुमार के निर्देशन और डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास के नेतृत्व में गठित नौ टीमों ने इस पूरे हत्याकांड का खुलासा किया। एडीसीपी आदित्य सिंह की अगुवाई में सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के जरिए आरोपियों तक पहुंचा गया। वहीं, इस हत्याकांड में प्रारंभिक स्तर पर लापरवाही के आरोप में थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह लांबा को पुलिस लाइन भेज दिया गया है।

