आगरा के नियोजित और समग्र शहरी विकास की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए आगरा अर्बन सेंटर की महायोजना–2041 को यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की बोर्ड बैठक में औपचारिक मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत आगरा के 58 गांवों की लगभग 14,480 हेक्टेयर भूमि पर नोएडा की तर्ज पर आधुनिक अर्बन सेंटर विकसित किया जाएगा। अब महायोजना को लागू करने से पहले नियमानुसार आमजन से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके बाद इसे अंतिम रूप देकर विकास कार्यों की शुरुआत की जाएगी।
यह निर्णय शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा स्थित यीडा कार्यालय में आयोजित बोर्ड बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख सचिव औद्योगिक विकास आलोक कुमार ने की। अधिकारियों के अनुसार आगरा अर्बन सेंटर की महायोजना का प्रारंभिक ड्राफ्ट प्रतिष्ठित ट्रेक्टबेल इंजीनियरिंग कंपनी द्वारा तैयार किया गया था। इसके बाद बोर्ड के निर्देश पर इस ड्राफ्ट का तकनीकी और शहरी नियोजन के दृष्टिकोण से परीक्षण गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग से कराया गया। विश्वविद्यालय की ओर से दिए गए 105 महत्वपूर्ण सुझावों को महायोजना में शामिल करने के बाद ही बोर्ड ने इसे अंतिम मंजूरी प्रदान की।
यीडा अधिकारियों का कहना है कि मंजूरी के बाद अब अगला चरण आपत्ति-सुझाव की प्रक्रिया का है। इसके तहत आम नागरिकों, प्रभावित ग्रामीणों और अन्य हितधारकों से लिखित सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी। प्राधिकरण जल्द ही इसकी अधिसूचना जारी करेगा ताकि प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो और परियोजना को समयबद्ध तरीके से जमीन पर उतारा जा सके। आपत्तियों और सुझावों के निस्तारण के बाद महायोजना को लागू कर बुनियादी ढांचे और अन्य विकास कार्य प्रारंभ किए जाएंगे।
आगरा अर्बन सेंटर का प्रस्तावित क्षेत्र ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) के अंतर्गत आता है, ऐसे में पर्यावरण संरक्षण और ताजमहल पर किसी भी प्रतिकूल प्रभाव को रोकना महायोजना का अहम हिस्सा है। अधिकारियों के मुताबिक ताजमहल के संरक्षण के लिए तैयार किए गए विजन डॉक्यूमेंट के आधार पर नीरी (नेशनल एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट) और बाद में सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी ने यह सिफारिश की है कि टीटीजेड क्षेत्र में केवल वही उद्योग स्थापित किए जाएं जिनका प्रदूषण स्कोर 20 से कम हो। इन सिफारिशों को आगरा अर्बन सेंटर की महायोजना में शामिल किया गया है, ताकि औद्योगिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन और विश्व धरोहर ताजमहल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
महायोजना के अनुसार आगरा अर्बन सेंटर को एक बहुआयामी और आधुनिक शहरी क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां करीब 300 हेक्टेयर क्षेत्र में थीम पार्क विकसित करने का प्रस्ताव है, जो पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है। इसके अलावा लगभग 20 हेक्टेयर में पांच सितारा रिसॉर्ट, कन्वेंशन और एग्जिबिशन सेंटर की योजना है। औद्योगिक और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए फुटवियर डिजाइन एंड टेस्टिंग इंस्टीट्यूट, इंजीनियरिंग रिसर्च एंड टेस्टिंग लैब, इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड टूरिज्म और आईटी पार्क जैसी सुविधाएं भी अर्बन सेंटर का हिस्सा होंगी।
आगरा अर्बन सेंटर को न केवल औद्योगिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, बल्कि इसे बड़े पैमाने पर रोजगार और आवास उपलब्ध कराने की योजना भी है। अनुमान है कि इस परियोजना के पूरा होने पर लगभग 15 लाख लोगों को आवास की सुविधा मिलेगी, जबकि करीब 10 लाख लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इससे आगरा और आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।
आगरा अर्बन सेंटर : मुख्य बिंदु
– कुल प्रस्तावित क्षेत्र : 14,480 हेक्टेयर
– संभावित आबादी : लगभग 15 लाख
– संभावित रोजगार : करीब 10 लाख
– औद्योगिक विकास क्षेत्र : 3,000 हेक्टेयर
– आवासीय क्षेत्र : 1,878 हेक्टेयर
– पर्यटन जोन : 405 हेक्टेयर
कुल मिलाकर, आगरा अर्बन सेंटर की महायोजना–2041 को मिली मंजूरी को आगरा के दीर्घकालिक, संतुलित और पर्यावरण–संवेदनशील विकास की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में आपत्ति–सुझाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस परियोजना के धरातल पर उतरने से आगरा की शहरी तस्वीर में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।

