वरिष्ठ अधिवक्ता के. सी. जैन ने आज केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से उनके निवास पर भेंट की। इस मुलाकात में पंचायत राज राज्य मंत्री प्रोफेसर एस. पी. सिंह बघेल भी मौजूद रहे। अधिवक्ता जैन ने इस अवसर पर अपनी पुस्तक “ताजमहल को पीला होने से रोकना: इस बहुआयामी समस्या का समाधान” मंत्री को भेंट की।
ताजमहल के बदलते रंग पर विस्तृत अध्ययन
इस पुस्तक में ताजमहल की बदलती रंगत और इसके कारणों का गहन विश्लेषण किया गया है। श्री जैन ने पुस्तक में प्रदूषण, यमुना नदी के गिरते स्तर, और क्षेत्रीय पर्यावरणीय समस्याओं का उल्लेख करते हुए इस विश्व धरोहर पर इनके प्रभाव को रेखांकित किया है। पुस्तक के अनुसार, वायु प्रदूषण, यमुना के गंदे पानी से उठने वाली जहरीली गैसें और स्थानीय औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले धुएं ने ताजमहल के सफेद संगमरमर पर पीले धब्बे डाल दिए हैं।
पुस्तक इस बात पर भी जोर देती है कि ताजमहल का संरक्षण केवल ऐतिहासिक दृष्टि से नहीं बल्कि आगरा के नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए भी आवश्यक है। यदि प्रदूषण का प्रभाव संगमरमर पर देखा जा सकता है, तो यह आगरा की जनता के स्वास्थ्य को किस हद तक नुकसान पहुंचा सकता है, यह सोचने वाली बात है।
समाधान और सुझाव
पुस्तक में कई ठोस समाधान दिए गए हैं, जिनमें ताज ट्रेपेजियम जोन (TTZ) के अंतर्गत प्रदूषण नियंत्रण को मजबूत बनाना, यमुना नदी की सफाई, और हरियाली बढ़ाने जैसे उपाय शामिल हैं। साथ ही, आगरा के औद्योगिक क्षेत्रों में सख्त प्रदूषण मानकों को लागू करने पर जोर दिया गया है।
मंत्री की प्रतिक्रिया
मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने पुस्तक के विषय को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, “ऐसे शोध आधारित दस्तावेज सरकार और आम जनता के लिए जागरूकता का माध्यम बन सकते हैं।” उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उनके निजी पुस्तकालय में 14,000 किताबें हैं, जिनमें से 10,000 उन्होंने पढ़ी हैं। इस बयान ने उनके पढ़ने के प्रति गहरे लगाव को दर्शाया।
न्यायाधीशों की प्रस्तावना
इस पुस्तक को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति आर. के. अग्रवाल और इलाहाबाद उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता की प्रस्तावना से समृद्ध किया गया है। यह इसे और अधिक प्रभावी बनाती है, क्योंकि इसमें कानूनी और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से समस्या का समाधान प्रस्तुत किया गया है।
ताजमहल और आगरा के भविष्य पर ध्यान
यह मुलाकात 5 दिसंबर 2024 को मंत्री के निवास पर हुई। पुस्तक ने न केवल सरकार बल्कि आम जनता का ध्यान ताजमहल और आगरा शहर के भविष्य की ओर खींचा है। यह ताजमहल की रक्षा और स्थायी विकास के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर देती है।
विरासत संरक्षण पर चर्चा
अधिवक्ता जैन ने इस मौके पर ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण और पर्यटकों के अनुभवों को बेहतर बनाने के लिए कुछ अन्य सुझाव भी दिए। उन्होंने सभी स्मारकों पर बहुभाषी ऑडियो गाइड प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव रखा, जिसे मंत्री ने स्वागत योग्य कदम बताया।
निषिद्ध क्षेत्र की समीक्षा
श्री जैन ने 1958 के प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल अधिनियम में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि संरक्षित स्मारकों के आसपास 100 मीटर के निषिद्ध क्षेत्र की सीमा पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए, खासकर उन स्मारकों के लिए जो अपनी प्रासंगिकता खो चुके हैं।
आगरा दौरे का वादा
मंत्री शेखावत ने आगरा दौरे का आश्वासन देते हुए कहा कि ताजमहल और अन्य धरोहरों को देखने के लिए उनका दौरा लंबित है, लेकिन वे जल्द ही इसे पूरा करेंगे।

