दिवाली से पहले, शनिवार को स्टेट जीएसटी की टीम ने शहर के प्रसिद्ध हलवाई, गोपालदास पेठे वाले के प्रतिष्ठानों पर व्यापक सर्वे किया। इस कार्रवाई में 28 अधिकारियों की टीम ने शहर के चार प्रमुख स्थानों पर स्थित प्रतिष्ठानों की गहन जांच की, जिनमें धूलियागंज स्थित फैक्टरी, जौहरी बाजार, संजय प्लेस और फतेहाबाद रोड का प्रतिष्ठान शामिल थे। अधिकारियों ने स्टॉक रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच की, जिसके दौरान लगभग 4 करोड़ रुपये की करवंचित आय का पता चला।
जीएसटी विभाग ने सर्वे के दौरान कंपनी की टैक्स रिटर्न, विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कर अपवंचन (टैक्स चोरी) से संबंधित इनपुट के आधार पर कार्रवाई की। इस सर्वे का नेतृत्व एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 मारुति शरण चौबे ने किया, जबकि विशेष अनुसंधान शाखा ने प्रतिष्ठानों की जांच को अंजाम दिया।
जांच से पहले, अधिकारियों ने फर्म की गोपनीय रेकी की और कुछ सैंपल खरीद भी की। इसके बाद जांच में पाया गया कि स्टॉक में महत्वपूर्ण अंतर था, बिक्री को कम दिखाया गया था और सप्लाई पर कम दर से कर जमा किया गया था। इन तथ्यों के आधार पर विभाग ने 4 करोड़ रुपये की करवंचित आय का अनुमान लगाया है, जिस पर 25 लाख रुपये टैक्स के रूप में जमा करने होंगे। इसके साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई का नेतृत्व संयुक्त आयुक्त प्रमोद कुमार दुबे और बी.डी. शुक्ला ने किया। उनके साथ उपायुक्त जेपी सिंह, आर.एन. मिश्रा, राहुल द्विवेदी, कौशल पांडे, अरुण सिंह, सहायक आयुक्त कमलेश तिवारी और विनीता श्रीवास्तव भी शामिल थे।
इस जीएसटी सर्वे से व्यापारियों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि विभाग अब व्यापारियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखे हुए है।

