राधास्वामी सत्संग सभा दयालबाग के अध्यक्ष गुरु प्रसाद सूद, उपाध्यक्ष प्रेम प्रकाश व अनूप श्रीवास्तव को भूमाफिया घोषित करने की राह में नये रोड़े आ गये हैं। सत्संग सभा के इन पदाधिकारियों को भूमाफ़िया घोषित करने के लिए ज़िलाधिकारी भानु चन्द्र गोस्वामी की अध्यक्षता में एंटी भूमाफ़िया टास्क फ़ोर्स की जो मीटिंग बुलाई गई, उसमें संबंधित अधिकारी कोई मज़बूत साक्ष्य ही लेकर नहीं पहुँचे, जिसके बाद इस मामले पर बैठक एक हफ़्ते के लिए फिर टल गई।
बुधवार को बुलाई गई एंटी भूमाफ़िया टास्क फ़ोर्स में सत्संग सभा के नामित पदाधिकारियों को भूमाफ़िया घोषित किया जाना था, अब 26 सितंबर को फिर बैठक होगी। सूत्रों ने बताया है कि तहसील प्रशासन द्वारा ज़िलाधिकारी के समक्ष रखी गई इस मामले से संबंधित फाइल में नक़्शा नज़री, वीडियो साक्ष्य आदि ठोस सबूत लगाये ही नहीं गये थे, जिसके बाद ज़िलाधिकारी द्वारा बैठक 26 सितंबर के लिए स्थगित कर दी और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि ड्रोन के ज़रिए सत्संग सभा द्वारा किए गये सार्वजनिक भूमि और रास्तों पर क़ब्ज़े के फ़ोटो और वीडियो साक्ष्य इकट्ठे कर फाइल में लगाकर दोबारा फाइल उनके सामने रखी जाये।
एसडीएम सदर परीक्षित खटाना की तहसील स्तरीय एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स की सिफारिश पर कलेक्ट्रेट परिसर में हुई इस बैठक के बाद ज़िलाधिकारी ने बताया कि एसडीएम सदर से राधास्वामी सत्संग सभा दयालबाग के पदाधिकारियों के मामले में और साक्ष्य मांगे गये हैं। 26 सितंबर को दोबारा टास्क फोर्स की बैठक होगी। इसमें नक्शा नजरी, वीडियो व मुकदमों का विवरण पेश करने के निर्देश दिए गये हैं। पूर्व घोषित 48 भूमाफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई की पुलिस से संबंधित रिपोर्ट भी मांगी गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, राधास्वामी सत्संग सभा दयालबाग के अध्यक्ष गुरु प्रसाद और उनके परिजन के नाम पर दर्ज संपत्तियों का ब्योरा रजिस्ट्रार से मांगा गया है। उप निबंधक कार्यालय से कहा गया है कि राधास्वामी सत्संग सभा दयालबाग के नाम पर दर्ज जमीनों का ब्योरा दिया जाए। भूमाफिया घोषित होने पर इन पदाधिकारियों द्वारा संपत्तियों की खरीद फरोख्त पर प्रतिबंध लग सकता है।
ज़िलाधिकारी की अध्यक्षता वाली टास्कफोर्स को एसडीएम सदर ने जो रिपोर्ट पेश की है, उसके मुताबिक राधास्वामी सत्संग सभा दयालबाग के अध्यक्ष गुरु स्वरूप सूद, उपाध्यक्ष प्रेम प्रकाश श्रीवास्तव और अनूप श्रीवास्तव ने जगनपुर और खासपुर की कुल 9.6610 हेक्टेयर जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। इसकी अनुमानित कीमत 96.61 करोड़ रुपए है। यह कीमत सर्किल रेट के हिसाब से है। जबकि बाजार मूल्य से यह जमीन 500 करोड़ रुपए की है।

