सोमवार को दूषित भोजन के कारण दो रेल यात्रियों की मौत और दर्जनों यात्रियों की तबियत ख़राब होने के एक दिन बाद आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को एक बार मेडिकल टीमें दौड़ पड़ीं।
इस बार मामला दिल्ली से आती गतिमान एक्सप्रेस पर एक मरीज़ की तबियत ख़राब होने से जुड़ा था, जिसकी जान केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री और आगरा सांसद प्रो एस पी सिंह बघेल द्वारा समय रहते आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर इलाज की व्यवस्था करवा देने के कारण बच गई।
आगरा रेलवे सूत्रों के अनुसार कोलकाता निवासी वहीदुर्रहमान अपने 20 साथियों के साथ आगरा में ताजमहल और आगरा क़िला के दीदार के लिए दिल्ली से गतिमान एक्सप्रेस के C2 कोच में सवार हुए थे।अचानक ही उनकी तबियत बिगड़ गई।
इस ट्रेन में केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो एस पी सिंह बघेल भी आगरा आ रहे थे। जैसे ही उन्होंने इस संबंध में अनाउंसमेंट सुनी, वे तुरंत कोच C2 में वहीदुर्रहमान की सीट नं0 42 पर पहुँच गये और यात्री की तबियत ख़राब देखकर नार्थ सेंट्रल रेलवे के आगरा मंडल के मंडलीय रेल प्रबंधक को फ़ो नकर आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर वहीदुर्रहमान के इलाज की व्यवस्था करवाने को कहा।
जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर पहुँची, डॉक्टरों की टीम ने C2 कोच में पहुँचकर वहीदुर्रहमान की जाँच की और उन्हें उचित इलाज मुहैया कराया। वहीदुर्रहमान का इलाज होने तक प्रो0 बघेल उनके साथ ही थे और जब उनकी तबियत संभल गई, तो उनको उनके साथियों के साथ स्टेशन से रवाना करने के बाद ही प्रो0 बघेल अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए।
वरिष्ठ अधिवक्ता अमीर अहमद जाफ़री ने बघेल द्वारा की गई रेलयात्री की मदद की तारीफ़ करते हुए सभी लंबी दूरी की ट्रेनों में एक डॉक्टर की तैनाती की आवश्यकता पर ज़ोर देते हुए कहा कि हालाँकि स्टेशन पर रेलवे द्वारा डॉक्टर की व्यवस्था हो सकती है, लेकिन कभी–कभी ट्रेन के स्टेशन पहुँचने का इंतज़ार करने में यात्री की जान भी जा सकती है, इसलिए सभी लंबी दूरी की ट्रेनों में प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए एक डॉक्टर की तैनाती की जानी चाहिए।

