आगरा में पेठे की दुकान के अंदर दिल्ली के एक पर्यटक का पीछा करने के बाद उसके साथ बेरहमी से मारपीट करने के कुछ ही घंटों बाद, आगरा पुलिस ने पांच स्थानीय लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आगरा पुलिस ने इस घटना के बाद हुई त्वरित कार्यवाही से यह संकेत देने की कोशिश की है कि पर्यटकों के ख़िलाफ़ किसी भी अप्रिय घटना को अंजाम देने वालों के ख़िलाफ़ पुलिस की ज़ीरो टॉलरेंस नीति है।
पत्रकारों से बात करते हुए एसीपी (सिटी) सूरज कुमार राय ने कहा कि एक वायरल वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया था, जिसमें एक पेठे की दुकान के अंदर कुछ लोगों द्वारा एक पर्यटक को लाठियों और अन्य हथियारों से पीटते देखा गया था। पूछताछ करने पर पता चला कि घटना ताजगंज थाना क्षेत्र की बसई चौकी के इलाक़े में हुई थी, जहां दिल्ली नंबर की कार में यात्रा कर रहे एक पर्यटक जोड़े का कुछ स्थानीय लोगों से झगड़ा हो गया था, जिसके बाद उन्होंने उस व्यक्ति की पिटाई शुरू कर दी। जब पर्यटक ने पेठे की दुकान के अंदर भागकर खुद को बचाने की कोशिश की तो हमलावर दुकान में भी घुस गए और पर्यटक की पिटाई शुरू कर दी और काफ़ी देर तक उसको पीटते रहे।
आसपास के दुकानदारों ने हमलावरों का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन चूंकि उस समय शहर में ‘शिव परिक्रमा’ चल रही थी, इसलिए सड़कों पर शहर के विभिन्न शिव मंदिरों में प्रार्थना करने के लिए नंगे पैर चलते शिवभक्तों की भीड़ थी। हमलावर भीड़ का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। हालांकि पेठे की दुकान के सीसीटीवी फुटेज में उनके चेहरे कैद हो गए थे।
हालाँकि दिल्ली के पर्यटक जोड़े ने शिकायत दर्ज किए बिना शहर छोड़ दिया था, पुलिस ने घटना का स्वत: संज्ञान लिया और हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। सोमवार को ही तीन पुलिस टीमें बनाई गईं जिन्होंने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पांच हमलावरों का पता लगाया और सोमवार रात ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
डीसीपी सिटी ने बताया कि मारपीट करने वाले युवक परिक्रमार्थी नहीं लग रहे थे। सभी युवकों ने जूते-चप्पल पहले थे। जूते पहनकर परिक्रमा नहीं लगाई जाती है। उन्होंने बताया कि गाड़ी को लेकर विवाद हुआ था। पकड़े गए आरोपियों में दीपक पुत्र मोहन सिंह, करभना ताजगंज, सुनील कुमार पुत्र हरिओम, ब्रजेश कुमार पुत्र मुरारीलाल, करन पुत्र सतीश और सौरभ पुत्र संजय शामिल हैं। सभी आरोपी करभना गांव के रहने वाले हैं।
मंगलवार को पांचों हमलावरों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

