मंत्री महिला एवं बाल विकास विभाग, उ0प्र0 बेबी रानी मौर्य द्वारा आज विकास खण्ड बरौली अहीर के परिसर में मदर एण्ड चाईल्ड वेईंग स्केल, ड्राई राशन वितरण अन्नप्राशन एवं गोदभराई कार्यक्रम का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम में मंत्री बेबी रानी मौर्य ने अपने सम्बोधन में कहा कि समन्वित बाल विकास योजना 06 वर्ष तक के उम्र के बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पोषण एवं शैक्षणिक सेवाओं का एकीकृत कार्यक्रम है। यह सेवा आंगनवाडी केन्द्र के माध्यम से प्रदान की जाती है। आंगनवाडी केन्द्र द्वारा प्रदान की जाने वाली यथा- अनुपूरक आहार, टीकाकरण, स्वास्थ्य जाँच, स्वास्थ्य एवं पोषण शिक्षा, शाला पूर्व शिक्षा तथा रेफरल सेवायें हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक शुरुआत की है कि बच्चे का अन्नप्राशन होना चाहिए नहीं बच्चा 02 महीने का हुआ नहीं मां रोटी तोड़ कर पकड़ा देती है बैठा-बैठा बच्चे खाने लगता है ऐसा नहीं करना चाहिए। बच्चे का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, बच्चे हमारी नीव हैं, जब नीव मजबूत होती है तो घर भी अच्छा बनता है। उन्होंने कहा कि बच्चे को पेट में जितना अच्छे से पालेंगे, जन्म के बाद अच्छा से पालेंगे तो उसका दिमाग अच्छा होगा, पढ़ाई-लिखाई अच्छा करेगा, अच्छा सोचेगा, उससे माता-पिता खुश रहेंगे, सुखी रहेंगे। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्री की जो भी सुपरवाइजर है, मुझे शिकायत मिल गई कि चावल कम दिया जा रहा है, राशन कम दिया जा रहा है, तो उसके खिलाफ कार्यवाही कर दी जाएगी।
उन्होंने बिल्कुल स्पष्ट निर्देश दिये कि राशन वितरण में कमी होने पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को निर्देश दिया कि किसी भी घर में महिला गर्भवती है तो उससे जाकर मिलिए उससे बातचीत करिये, उनको कोई परेशानी तो नहीं हो रही है अगर हो रही है तो उसकी तुरंत जांच करायें और जो उचित हो सकें अपने माध्यम से करायें।
कार्यक्रम में मंत्री मौर्य द्वारा लाभार्थियों को अनुपूरक पोषाहार प्राप्त कराया गया, जिसमें तेल, चने की दाल, दलिया, चावल का वितरण किया गया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री ने महिलाओं की गोदभराई तथा बच्चों का अन्नप्राशन की रस्म अदा की। साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को वजन मशीन का भी वितरण किया गया।

