agra storm

agra stormप्रचंड गर्मी के बीच आई 120 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से आई आंधी (Agra Storm) ने पूरे आगरा जिले में तबाही मचा दी। लगभग 100 पेड़, 80 से अधिक बिजली के खम्भे, शहर में लगे होर्डिंग्स और कई यूनिपोल उखड़ गए, तथा ताजमहल के छज्जे सहित अन्य ऐतिहासिक इमारतों को भी बड़ी हानि हुई। इसके अलावा एक बालक की मृत्यु और लगभग आधा दर्जन लोग घायल भी हो गए।

यह धूल भरी आंधी (Agra Storm) तब थमी जब आसमान से बारिश होने लगी, लेकिन इसके बाद लगभग 6 घंटे तक शहर के कई इलाकों में बिजली गायब रही। ताजमहल में एक दर्जन से ज्यादा पुराने पेड़ धराशाई हो गए। वह टीनशेड जहाँ पर्यटकों की तलाशी होती है, वो भी उखड़ गया। अकबर के मकबरे सिकंदरा में मुख्य द्वार पर लगे पच्चीकारी वाले पत्थर भी टूट कर गिर पड़े। इत्मादउददौला, महताब बाग़, रामबाग, मरियम के मकबरे में दो दर्जन पेड़ गिर गए।

ASI superintending अर्चयोलॉजिस्ट आर के पटेल ने बताया की आगरा के लाल किले का मुसम्मन बुर्ज, जहाँ हाल ही में संरक्षण कार्य हुआ है, वह सुरक्षित रहा, लेकिन फतेहपुर सीकरी में भी भयंकर आंधी (Agra Storm) ने अफरा तफरी मचा दी।

अगर ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो थाना पिनाहट के अंतर्गत पेड़ गिरने से एक महिला बुरी तरह घायल हो गई। महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहाँ उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

निबोहरा गाँव के निवासी श्याम सुन्दर सिंह के ऊपर विद्युत् पोल गिरने से वह बुरी तरह घायल हो गए। फतेहाबाद के गाँव में स्कूल की दीवार गिरने से अफरा तफरी मच गयी। मस्ता की बगीची क्षेत्र में एक विशाल पेड़ जड़ से उखड़ कर गिर पड़ा जिससे उसके नीचे बैठी गाय दब कर मर गई। आगरा कैंट स्थित प्रीपेड टैक्सी बूथ भी इस आंधी (Agra Storm) की चपेट में आ गया।

एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने इस आंधी के पीछे राजस्थान सीमा पर विकसित पश्चिमी विक्षोभ को कारण बताया और कहा कि 2018 में आये विनाशकारी तूफ़ान के पीछे भी यही कारण था।

सामाजिक कार्यकर्ता विजय उपाध्याय ने मौसम विभाग पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मौसम विभाग कभी भी इस तरह के विनाशकारी तूफानों के बारे में आगरा की जनता को पहले से आगाह नहीं करता जिसके कारण हर वर्ष मई के महीने में आने वाले इन तूफानों से जिले में भयानक तबाही होती है और जान माल की हानि होती है।

S Qureshi