उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव जैसे – जैसे पास आ रहे हैं, वैसे – वैसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगरा मंडल के दौरों में तेजी आती जा रही है। आये दिन मुख्यमंत्री आगरा मंडल में आयोजित अपनी अनौप
चारिक चुनावी सभाओं में पिछली सरकारों, खासकर अखिलेश सरकार पर निशाना साधते नजर आते हैं।
आज स्व0 अटल बिहारी वाजपेयी के 98वें जन्मदिवस पर भी योगी आदित्यनाथ पूर्व प्रधानमन्त्री वाजपेयी के पैतृक ग्राम बटेश्वर में उनके व्यक्तित्व और कार्यों के बारे में चर्चा करने की जगह पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार को ही कोसते नजर आये।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा की आगरा मंडल के विकास पर कभी किसी सियासी पार्टी ने ध्यान न देकर केवल अपनी जेबें ही भरीं। भाजपा की सरकार ने पूरे आगरा मंडल के विकास की ओर विशेष ध्यान दिया। अब जल्द ही भारत रत्न स्व0 वाजपेयी की जन्मभूमि बटेश्वर का विकास देश की जनता को दिखाई देगा।
योगी ने समाजवादी पार्टी पर अपने कार्यकाल में गंभीर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जो लोग 5 साल से सत्ता से दूर हैं, आज उनके यहाँ 200 करोड़ की धनराशि मिल रही है। इससे यह प्रतीत होता है कि सपा के शासनकाल में विकास प्रदेश का नहीं, बल्कि सपा के लोगों का हुआ। उन्होंने केवल अपनी जेबें ही भरीं। सपा के लोगों ने सत्ता का दुरूपयोग किया तथा विकास के नाम पर दरगाहों और कब्रिस्तानों की बाउंड्री वाल ही बनवाई गई, जिसमें सांस्कृतिक निधि का इस्तेमाल किया गया।
योगी ने कहा कि सपा के शासनकाल में स्कूलों में संस्कृत के शिक्षकों की बजाय उर्दू के अध्यापकों को रखा गया, जिसमें से कई ऐसे शिक्षक थे जिन्हें उर्दू आती ही नहीं थी। गरीबों के हिस्से की धनराशि दूसरी जगह प्रयोग की जाती थी और गरीब बेचारा देखता ही रह जाता था। गरीबों को आवास देने की बजाय अपने ही घर भरे गए।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब बटेश्वर धाम देश का सुन्दरतम धाम बनेगा। भाजपा सरकार बटेश्वर के विकास पर कोई कसार नहीं छोड़ेगी। योगी ने बटेश्वर में आज कुल 230 करोड़ रुपये की 11 परियजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया, हालांकि स्थानीय निवासी भाजपा सरकार के वादों को वोट की राजनीती कह रहे हैं।
एक स्थानीय निवासी का कहना था कि पांच वर्ष का शासनकाल बीतने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बटेश्वर की याद आई है क्योंकि अब वोट मांगने का समय आ रहा है। जब योगी वाजपेयीजी के अस्थिकलश के साथ 2018 में बटेश्वर आये थे, तब यहाँ की दुर्दशा देखकर गए थे, और चुनाव नजदीक आने पर करोड़ों की घोषणाएं कर रहे हैं ताकि दुबारा चुन कर आ सकें। लेकिन जनता अब इन नेताओं के ललचाने वाले भाषणों में फंसने वाली नहीं है और सोच समझ कर ही वोट देगी।

