फिलहाल जेल में बंद उत्तर प्रदेश के कुख्यात बाहुबली मुख्तार अंसारी और उसके गुर्गों पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कड़ा शिकंजा कस गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आगरा के जगदीशपुरा पुलिस स्टेशन में अंसारी के खिलाफ दर्ज 32 साल पुराने मुक़दमे में गवाह पेश न होने पर कोर्ट ने अब सख्त रुख अपना लिया है। विशेष न्यायाधीश नीरज गौतम ने तत्कालीन इंस्पेक्टर और सुब इंस्पेक्टर के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किये हैं। मुख्तार अंसारी की अदालत में विडिओ कॉन्फ्रेंसिंग के जरिया पेशी हुई। अब कोर्ट ने गवाही के लिए 30 नवम्बर की तारीख दी है।
बाहुबली मुख्तार अंसारी सन 1999 में आगरा की सेंट्रल जेल में बंद था। उस दौरान तत्कालीन जिलाधिकारी ( वर्तमान में मुख्य सचिव ) राजेंद्र तिवारी और SSP एस के सिंह एवं अन्य पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मुख्तार अंसारी की बैरक का निरीक्षण करते हुए वहां से मोबाइल फ़ोन, बुलेट प्रूफ जैकेट बरामद की थी। इस मामले में थाना जगदीशपुरा में तत्कालीन SHO एस एस शुक्ल ने अंसारी के खिलाफ धारा 420 आदि में मुकदमा दर्ज किया था। आरोपित के खिलाफ आरोप तय कर कोर्ट ने वादी SHO शुक्ला और उनकी टीम को गवाही के लिए हाज़िर होने को समन जारी किये थे।
इसके बाद भी गवाह कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। इसके बाद सभी को व्यक्तिगत रूप से भी समन तामील कराया गया लेकिन गवाह हाजिर नहीं हुए। यह मानते हुए कि अभियोजन पक्ष साक्ष्य प्रस्तुत करने में उदासीनता बरत रहा है, अब कोर्ट ने SHO एवं उनकी टीम के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी करते हुए उनको तुरंत कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।
प्राप्त सूचना के अनुसार तत्कालीन SHO शुक्ला रिटायर होने के बाद से कानपुर में रहते हैं, जबकि तत्कालीन दरोगा फिलहाल अमरोहा के थाने में SHO हैं। कोर्ट ने SSP मुरादाबाद को वारंट और नोटिस तामील करके तारिख पर अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं। मुख्तार अंसारी का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता रवि अरोरा ने कोर्ट में प्रस्तुत किया।
एक भाजपा नेता ने बताया कि मुख्तार अंसारी ने सपा शासन के समय अनेक गरीब लोगों को बन्दूक की नोक पर सताया है तथा स्वयं और अपने गुर्गों के द्वारा करोड़ों रुपये की चल और अचल संपत्ति अर्जित की थी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने अंसारी और अन्य कुख्यात लुटेरों की अचल संपत्ति पर बुलडोज़र चला कर इन कुख्यातों को जेल में डाला हुआ है। इससे उत्तर प्रदेश की जनता वर्तमान योगी सरकार से बेहद खुश है और 2022 में पुनः योगी आदित्यनाथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे।

