
आगरा के राजा बलवंत सिंह कॉलेज में इंडो – पाक मैच के समय पाक टीम के जीतने पर कॉलेज के जिन तीन कश्मीरी छात्रों को गिरफ्तार करने के बाद देशद्रोही का मुकदमा लगा कर जेल भेजा हुआ है। उसको लेकर आगरा के वकीलों की एक टीम ने उनका केस ना लड़ने का फैसला किया था।
आज उस फैसले के विरोध में आल इंडिया लॉयर्स यूनियन की आगरा शाखा ने उन कश्मीरी छात्रों का मुकदमा लड़ने का फैसला किया है। वरिष्ठ अधिवक्ता और आगरा कलेक्ट्रेट बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव अमीर अहमद एवं उनके अन्य साथियों ने आज बताया कि समस्त अधिवक्ता पेशे के सिद्धांतों के अधीन अपने कर्तव्यों का पालन करते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि इन छात्रों को अधिवक्ता की आवश्यकता पड़ती है तो आल इंडिया लॉयर्स यूनियन की आगरा शाखा से सम्बद्ध अधिवक्ता उनकी ओर से न्यायालय में पैरवी करने को तैयार हैं।
अमीर अहमद एडवोकेट ने बताया कि यह नियम और सिद्धांत किसी भी आदिवक्ता को इस बात की इजाजत नहीं देता कि बे सामूहिक रूप से यह निर्णय लें कि वे किसी अपराधी की पैरवी नहीं करेंगे, और अन्य अधिवक्ताओं को भी बाध्य करें कि वे भी उक्त अभियुक्त की पैरवी न करें। व्यक्तिगत रूप से किसी भी अधिवक्ता को यह अधिकार है कि वह किसी भी अभियुक्त की पैरवी करने से इंकार कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट इस सम्बन्ध में आदेश भी पारित कर चुका है। प्रत्येक अभियुक्त को विधिक सहायता प्राप्त होना उसका विधिक अधिकार है।
एडवोकेट अमीर अहमद का कहना था अभियुक्त के विधिक अधिकार में बाधा डालने का किसी को भी अधिकार नहीं है। कुछ अधिवक्ताओं ने जो निर्णय लिया है कि वह इन कश्मीरी छात्रों की पैरवी नहीं करेंगे, वह गलत और दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय है। उन्हें इस बात का अधिकार नहीं है और उनका यह कृत्य पेशे के सिद्धांतों और गरिमा के प्रतिकूल है।

