ताजमहल के फोटो खींचते हुए अक्सर पर्यटकों को शिकायत रहती है कि इस खूबसूरत स्मारक के पीछे तमाम ऊँचे ऊँचे मोबाइल टावर इसकी खूबसूरती में बदनुमा दाग की तरह दिखते हैं और फोटो में काफी खराब नजर आते हैं।
पिछले दस सालों से खड़े इन मोबाइल टॉवरों को अब आगरा विकास प्राधिकरण हटवाने की तैयारी कर रहा है जिसके बाद ताजमहल के पीछे का नीला आसमान और दिलकश नजारे फिर से वैसे ही दिखेंगे जैसे पहले दिखा करते थे। आगरा विकास प्राधिकरण ने ताजमहल की डेढ़ वर्ग किमी परिधि में नए मोबाइल टॉवर खड़े करने पर रोक लगा दी है और पर्यटकों को ताजमहल का वही नीला – सफेद नजारा नजर आएगा।
गौरतलब है कि ताजमहल के दक्षिणी चबूतरे से पर्यटक जब भी फोटो खींचते हैं तो टावर नजर आते हैं, जिसकी वजह से ताजमहल का व्यू ख़राब हो रहा था। हाल ही में जब मंडलायुक्त अमित गुप्ता ने ताजमहल का निरीक्षण किया, तो वह चौंक गए क्योंकि दक्षिणी चबूतरे से खड़े होकर ताजमहल की तरफ देखने पर उन्हें दोनों मीनारों के बीच मोबाइल टावर व ऊँची इमारतें नजर आईं। उन्होंने आगरा विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष राजेंद्र पैंसिया को इस समस्या के स्थाई समाधान के निर्देश दिए। जिसके बाद एडीए ने छत्ता वार्ड में 25-25 मीटर ऊँचे तीन टावर ध्वस्त किये हैं।
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एडीए उपाध्यक्ष का कहना है कि ताजमहल को 1.50 वर्ग किमी परिधि में नया मोबाइल टावर खड़ा करने पर अब रोक होगी, साथ ही नै इमारतों की अधिकतम ऊंचाई भी निर्धारित कर दी गई है। ये प्रावधान मास्टर प्लान में किया है। अब ताजमहल और नीले आसमान के बीच कोई निर्माण या टावर दिखाई नहीं देगी।
इस निर्णय पर हर्ष जताते हुए ताजमहल पर फोटोग्राफी का कार्य करने वाले मुजीव खान का कहना था कि पर्यटकों की अक्सर यही शिकायत होती थी कि उनके द्वारा दक्षिणी चबूतरे से खींचे गए फोटो में मोबाइल टावर आने की वजह से फोटो की खूबसूरती खराब हो जाती थी। कई पर्यटकों ने उनसे इन मोबाइल टॉवरों को फोटो में से एडिट करवा कर हटवाया भी है। अब, जब यह टावर हकीकत में ही हट जाएंगे, तो पर्यटकों की यह शिकायत भी ख़त्म हो जायेगी।

