जब दो महीने की बंदी के बाद ताजमहल (Taj Mahal) के द्वार जून माह में खोले गए थे, तब से ही आगरा का पर्यटन उद्योग से जुड़े लोग कह रहे थे कि ताजमहल को शनिवार और रविवार को खोले बिना नगर के पर्यटन व्यवसाय में सुधार लाने की बात एकदम बेमानी है। पर्यटन के जानकारों का कहना था कि ताजमहल (Taj Mahal) देखने को आगरा आने वाले देशी पर्यटक अधिकतर आसपास के शहरों के ही होते हैं जो कि सप्ताहांत की छुट्टी में भ्रमण के लिए निकलते हैं, और शनिवार- रविवार (Saturday) को ताजमहल बंद (Weekend Lockdown) रहने से देशी पर्यटन के एक बड़े हिस्से से आगरा महरूम हो रहा था।
इस शनिवार, जैसे ही ताजमहल (Taj Mahal) के द्वार शनिवार और रविवार दोनों दिन के लिए खुले, तो जैसा पर्यटन के जानकारों ने कहा था, वही हुआ। शनिवार को ताजमहल में रिकॉर्ड भीड़ उमड़ पड़ी, जैसी कि अमूमन पर्यटन सीजन में होती है। कोरोना (covid-19) काल के बाद यह पहला शनिवार था जब ताजमहल पर पर्यटकों की संख्या लगभग 20 हजार के आसपास पहुँच गई, क्योंकि इस सप्ताह से रविवार को भी ताजमहल खुलने लगा है। पर्यटन व्यवसाइयों के अनुसार रविवार की बंदी खत्म हो जाने के कारण दिल्ली एनसीआर और लखनऊ के सैलानी रात्रि प्रवास के लिए शनिवार को आगरा आ गए , इस वजह से शनिवार शाम को पर्यटकों (tourists) की भीड़ ताजमहल (Taj Mahal) पर देखने को मिली। पर्यटन उद्यमी ताजमहल पर 20 हजार सैलानियों के पहुंचने से उत्साहित हैं। ताजमहल पर ही नहीं , बल्कि आगरा किला पर भी सैलानियों की संख्या पहले की तरह हो गई है। लोगों में ताजमहल के दीदार का उत्साह रहा। ताजमहल के लिए ऑनलाइन टिकट उपलब्ध हैं।

कोरोना संक्रमण की वजह से 16 अप्रैल को बंद किये गए सभी स्मारकों को 16 जून को खोला गया था। अब प्रदेश सरकार ने साप्ताहिक बंदी खोल कर पर्यटन के लिए नई सौगात दी है। आगरा में होटल और टूरिजम इंडस्ट्री ठप और लोग बेरोजगार हो गए थे। अब पर्यटन व्यवसाय में बढ़ोतरी होगी, जिससे नगर के पर्यटन उद्यमी उत्साहित हैं।
आगरा टूरिस्ट वेलफेयर चेंबर (Agra Tourist Welfare Chamber) के अध्यक्ष प्रह्लाद अग्रवाल के अनुसार स्मारकों पर सप्ताहांत की बंदी ख़त्म किये जाने की मांग आगरा का पर्यटन उद्योग 16 जून से ही कर रहा था। अब चूँकि ताजमहल शनिवार और रविवार दोनों दिन खुलेगा, तो नगर में देशी पर्यटकों का आवागमन काफी बढ़ेगा जिसका स्थानीय होटल उद्योग का फायदा मिलेगा, साथ ही हस्तशिप उद्योग को भी कुछ लाभ होगा, लेकिन जब तक अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक दोबारा आगरा नहीं आने शुरू होंगे, तब तक नगर का पर्यटन उद्योग वापस पुराने दौर में आने की संभावना नगण्य है।

