Hate Speech

Hate Speechतमिलनाडु सरकार में मंत्री और मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के पुत्र उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म को लेकर की गई टिप्पणी से आगरा में उबाल है। सामाजिक संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट से माँग की है कि इस मामले का स्वतः संज्ञान लेकर उदयनिधि स्टालिन के ख़िलाफ़ इस हेट स्पीच को लेकर कार्यवाही के आदेश जारी करे।

हिंदुस्तानी बिरादरी के संरक्षक उमा शंकर शर्मा ने इस मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि धर्म किसी का भी हो, उस पर अनुचित टिप्पणी करना एक निंदनीय कृत्य है और भारत की संस्कृति के ख़िलाफ़ है। अपने राजनीतिक लाभ के लिए ऐसी ओछी टिप्पणी करके उदयनिधि स्टालिन ने देश की सांप्रदायिक सहिष्णुता की छवि पर दाग लगाया है और इसके लिये उनको कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि धर्म को सत्ता प्राप्ति के हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे भारत का समाज और सामाजिक ढाँचा टूट रहा है। विकास को मुद्दा बनाने की जगह धर्म को लेकर राजनीति की जा रही है जिसका जनता को विरोध करना होगा ताकि भारत की राजनीति की शुचिता फिर से बहाल हो सके।

आगरा के विख्यात कैलाश मंदिर पर यमुना आरती के बाद सनातन धर्म पर अनुचित टिप्पणी करने वालों के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की माँग की गई। आचार्य अमित दुबे ने कहा कि सनातन धर्म सदा से ही इस धरती पर विद्यमान रहा है और ऐसे धर्म पर फ़िज़ूल टिप्पणी करने के लिए उदयनिधि स्टालिन को क़ानून के अनुरूप सज़ा मिलनी चाहिए।

सामाजिक कार्यकर्ता आमिर क़ुरैशी ने इस संबंध में इंडिया टुडे से कहा कि यह विष-भरे बोल कभी इस्लाम के लिए उठते थे, अब सनातन धर्म भी इसकी चपेट में आ गया है। यह ज़हर हमारे समाज में फैलता जा रहा है और इसको रोकने के लिए हेट स्पीच पर सख़्ती से लगाम लगाये जाने की ज़रूरत है, जिसके लिये उदाहरण स्वरुप उदयनिधि स्टालिन को कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए।

S Qureshi