funeral processionFile Photo
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कस्बा शमसाबाद क्षेत्र के चंदेरा रोड स्थित माहोर मोहल्ला में बेटी ने अपनी ही मां के शव को अंतिम संस्कार के लिए नहीं जाने दिया। पुलिस के मुताबिक क्षेत्र के कान्हा ने सूचना दी गई थी कि उनकी दादी विमला की मृत्यु हो गई है। उनकी बुआ अंतिम संस्कार के लिए उनके शव को नहीं उठने दे रही हैं। उनकी मृत्यु रात्रि 12 बजे हुई थी। 14 घंटे तक विवाद चलता रहा।

मृतका की पुत्री कुंती ने बताया उनके पिताजी की 2 महीने पूर्व मृत्यु हुई थी। कुंती की माँ और पिता बीमार रहते थे, जिनका इलाज किसी ने नहीं कराया। करीब 6 महीने पूर्व माता-पिता ने ससुराल पटेल नगर से कुंती अपने घर देखभाल के लिए बुला लिया था। उनका उनका कहना है कि वह माता-पिता का इलाज कर रही थी। अपनी ससुराल से करीब डेढ़ लाख रुपये लगा दिया। विमला की तीन संतान थी, जिसमें दो पुत्र भी थे।

कुंती ने बताया कि उनका एक भाई मोनू काफी समय पहले घर से चला गया था और लौट कर नहीं आया। दूसरा भाई बबलू पर माता-पिता के इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। वहीं बबलू ने बताया कि कुंती ने अपनी मर्जी से ही दोनों का इलाज कराया है। मामले को देख काफी संख्या में मोहल्ले के लोग इकठ्ठा हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर मृतिका के शव को अंतिम संस्कार के लिए भिजवाया। थानाध्यक्ष शमसाबाद अनिल शर्मा ने बताया कि पुलिस व स्थानीय लोगों कि ओर से परिजन को समझा-बुझा कर शव को अंतिम संस्कार के लिए  जाने दिया गया और पैसे का लेनदेन के हिसाब के लिए एक जुट बैठकर हिसाब के लिए कहा गया है।

Jyotsna Sharma
Jyotsna Sharma

Jyotsna Sharma joined Agra24 as a journalist in 2021. Before Agra24, she has worked as the Agra correspondent for Lucknow-based Hindi daily Rashtriya Swaroop, and India Monthly magazine.

By Jyotsna Sharma

Jyotsna Sharma joined Agra24 as a journalist in 2021. Before Agra24, she has worked as the Agra correspondent for Lucknow-based Hindi daily Rashtriya Swaroop, and India Monthly magazine.