Trees near Taj Mahal

आगरा में बन रही राज्य सरकार की एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर परियोजना के शुरू होने में देरी होने की संभावना जताई जा रही है। इसके पीछे वजह बताई जा रही है कि उच्चतम न्यायालय ने आगरा में राज्य सरकार की एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर परियोजना के लिए 4087 पेड़ों को काटने की इज़ाजत देने से मना कर दिया है। मंगलवार को आये इस फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ कहा कि आगरा को उद्योगों की नहीं, बल्कि पेड़ों की कमी है और ऐसे में ताजमहल के पास प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्यूफैक्चरिंग क्लस्टर के लिए इतने सारे पेड़ों को काटने की मांग की सराहना नहीं की जा सकती।

जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ ने कहा कि यह अदालत ताजमहल के आसपास के पर्यावरण की रक्षा के लिए आदेश पारित करती रही है। हम ताज ट्रेपेजियम जोन में इतने सारे पेड़ों को काटने की सराहना नहीं कर सकते और वह भी एक गैर-विशिष्ट उद्देश्य के लिए। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीएसआईडीए) ने एक आवेदन दाखिल किया था जिसमे आगरा में एक एकीकृत विनिर्माण क्लस्टर की स्थापना के लिए 4087 पेड़ों को काटने का अनुरोध किया गया था। विभाग ने अपने आवेदन में कहा था कि प्रस्तावित परियोजना से शॉर्टलिस्ट किये गए क्षेत्रों में लगभग 37,000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

नेशनल इंडसिट्रयल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने आगरा लखनऊ एक्स्प्रेसवे के पास रहनकलां और कुबेरपुर में थीं पार्क की ज़मीन में से 1100 एकड़ जमीन पर इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर प्रस्तावित किया था। दो साल पहले राज्य सरकार ने इस क्लस्टर को मंजूरी दे दी और तीन कंसलटेंट को क्लस्टर विकसित करने की योजना बनाने की जिम्मेदारी दे दी थी। रहनकलां और कुबेरपुर में जिस जमीन पर क्लस्टर बनाया जाना है, वह यमुना एक्स्प्रेसवे, आगरा लखनऊ एक्स्प्रेसवे और अमृतसर कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के पास है। यहाँ निर्माण इकाई लगाने के लिए जापान की कंपनियों ने रुचि भी ज़ाहिर की है। इस क्लस्टर में फैक्ट्रियों की स्थापना से आगरा के लोगों को रोजगार की उम्मीद थी, वहीं इसके पास नया शहर ग्रेटर आगरा और मेडिसिटी भी प्रस्तावित किया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद औद्योगिक विकास की इस बड़ी योजना को जोर का झटका लगा है।

Jyotsna Sharma
Jyotsna Sharma

Jyotsna Sharma joined Agra24 as a journalist in 2021. Before Agra24, she has worked as the Agra correspondent for Lucknow-based Hindi daily Rashtriya Swaroop, and India Monthly magazine.

By Jyotsna Sharma

Jyotsna Sharma joined Agra24 as a journalist in 2021. Before Agra24, she has worked as the Agra correspondent for Lucknow-based Hindi daily Rashtriya Swaroop, and India Monthly magazine.