जिस तेजी से कोरोना पूरे ब्रज क्षेत्र में अपने पैर पसार रहा है, उससे साफ़ लग रहा है कि ब्रज में कोरोना की तीसरी लहर शुरू हो चुकी है और जल्दी ही हजारों की संख्या में मरीज मिलने लगेंगे। अधिकतर सार्वजनिक स्थानों पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन न के बराबर होने के कारण कोरोना के मरीजों की संख्या में पिछले 4 दिन में तेजी से उछाल आया है।
शुक्रवार को आगरा में 169 नए मरीजों के साथ कुल 472 सक्रिय केस दर्ज किये गए जिनमें से 6 को हालत बिगड़ने पर सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज के कोविड वार्ड में भर्ती कराया गया है। ब्रज के दर्शनीय स्थलों पर उमड़ती भीड़ से बिगड़ती हुई स्थिति को देखते हुए जहाँ ताजमहल के टिकट बुधवार से ऑनलाइन कर दिए गए थे, वहीँ शुक्रवार से वृन्दावन स्थित प्रसिद्ध बिहारी जी मंदिर के दर्शनों के लिए भी ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया।
मंदिर प्रबंधक कमिटी के एक सदस्य ने बताया है कि श्रद्धालुओं को दर्शनों के लिए अब नेगेटिव RTPCR रिपोर्ट भी साथ लानी होगी। वैसे सिविल जज जूनियर डिवीज़न अर्चना सिंह के 6 जनवरी 2022 को दिए गए आदेश के अनुसार मंदिर के आस – पास की गलियों में आने – जाने के लिए वन-वे व्यवस्था बनाये जाने के लिए स्थानीय प्रशासन को निर्देशित किया गया है। दर्शनार्थियों को प्रवेश से पूर्व थर्मल स्कैनिंग, मास्क, हैंड सेनिटाइज़ेशन और सोशल डिस्टैन्सिंग के नियमों का पालन करना भी अनिवार्य किया गया है।

इसके अलावा मंदिर में गेट नं 2 एंड 3 से प्रवेश तथा गेट नं 1 और 4 से निकास की भी व्यवस्था किये जाने का आदेश दिया गया है। इसके साथ ही गेट नं 5 को गोस्वामीजनों के लिए आरक्षित किया गया है। प्रवेश मार्गों पर कोविड टेस्टिंग डेस्क की व्यवस्था बनाने का भी आदेश दिया गया है।
मंदिर प्रबंधक मुनीश शर्मा ने बताया कि न्यायालय द्वारा दिए गए आदेश के अनुक्रम में सभी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित कराया जा रहा है आदेश के अनुरूप दर्शाने का ऑनलाइन सिस्टम भी तैयार किया गया है।
सामाजिक कार्यकर्त्ता विजय उपाध्याय का कहना था कि वृन्दावन आने वाले बहुत से दर्शनार्थी केवल बांके बिहारी मंदिर में दर्शन के उद्देश्य मात्र से नहीं, बल्कि सम्पूर्ण ब्रज क्षेत्र के धार्मिक भ्रमण हेतु आते हैं। वृन्दावन में विदेशी भक्तों की संख्या भी काफी है जिसकी वजह से कोविड नियमों के पालन में मुश्किलें आती हैं। ऐसे में अगर स्थानीय सामाजिक संस्थाएं भी प्रशासन के सहयोग हेतु आगे आ जाएँ तो कोविड के प्रसार पर लगाम लग सकती है।

