कासगंज के पुलिस स्टेशन में 21 वर्षीय अल्ताफ नामक नवयुवक की मौत आत्महत्या थी या पुलिस की पिटाई से, इस प्रकरण को लेकर सियासी सरगर्मी के साथ साथ सांप्रदायिक तनाव भी बढ़ता नजर आ रहा है।
कांग्रेस पार्टी और मायावती के कथन के बाद अब अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) छात्र संघ के नेता फैज़ुल हसन के नेतृत्व में निकाले गए विरोध मार्च ने इस प्रकरण को कानून – व्यवस्था के मुद्दे से बदलकर सांप्रदायिक रंग दे दिया है।
सियासी सरगर्मियां तेज होने की वजह से मृतक नवयुवक अल्ताफ का पिता भी अपने बयानों को बदल कर पुलिस पर अपने बेटे को पीट – पीट कर मारने और उससे दबाव में कोरे कागज़ पर अंगूठा लगवा लेने का आरोप लगा रहा है। अल्ताफ के पिता चाँद मियां का कहना है की कोतवाली पुलिस ने जबरदस्ती उससे वीडियो में कहलवाया कि अल्ताफ डिप्रेशन में था, जबकि उसका बेटा ऐसा नहीं था। चाँद मियां का कहना था कि वह अनपढ़ है और उसको जो पुलिस ने बोलने को कहा वो पुलिस के डर और मानसिक परेशानी में वो कहता चला गया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रशीद अल्वी का कहना था कि अल्ताफ की मौत का मामला हत्या का है, इसलिए पूरी थाना पुलिस के खिलाफ फिर होनी चाहिए। प्रशासन ने अब अल्ताफ के पिता चाँद मियां पर अपना दबाव बना रखा है जिससे वो काफी खौफज़दा हैं। इस पूरे प्रकरण की रिपोर्ट कांग्रेस हाई कमान को दी जाएगी। अल्ताफ की मौत का मामला मानवाधिकार आयोग को भी भेजा जा रहा है, क्योंकि उस नौजवान की पुलिस की पिटाई से हुई मौत को आत्महत्या साबित करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।
बसपा सुप्रीमो मायावती मायावती ने भी कासगंज प्रकरण पर कहा है कि मृतक अल्ताफ की मौत पुलिस हिरासत में थाने में पिटाई से हुई है इस की न्यायिक जाँच होनी चाहिए।
आगरा के कांग्रेसी नेता मो0 शरीफ काला ने कहा है कि आगरा के थाना जगदीशपुरा में भी अरुण वाल्मीकि की ह्त्या भी पुलिस थाने में पुलिस की पिटाई से ही हुई थी। अल्ताफ की ह्त्या भी पुलिस ने ही की है। इसकी CBI जांच की मांग करते हुए मो0 शरीफ काला ने कहा कि जिस लड़की को अगवा करने के मामले में अल्ताफ को बंद किया हुआ था, वर्तमान में वह कहाँ है? पुलिस उसका सुराग क्यों नहीं लगा पा रही है?
प्राप्त जानकारी के अनुसार कासगंज पुलिस किशोरी की तलाश में लगी है। ADG आगरा राजीव कृष्णा ने कासगंज प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए बताया कि थाना पुलिस के लापरवाही बरतने पर शो, 2 सब-इंस्पेक्टर और 2 सिपाही निलंबित हो चुके हैं तथा SHO क्राइम शशिकांत और सिपाही लाइन हाजिर हो चुके हैं। अभी तक 7 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्यवाही हो चुकी है। पुलिस की तरफ से पूरा न्याय पीड़ितों को दिया जायेगा। इस प्रकरण को सियासत में घसीटा जा रहा है वो उचित नहीं है। उत्तर प्रदेश शासन भी इस प्रकरण को लेकर गंभीर है, जोन के हर जिले पर नजर रखी जा रही है। सभी पुलिस कप्तानों को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा गया है कि अवांछनीय तत्वों पर गहरी निगाह रखें और कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करें।
ADG ने जोन की जनता से अपील की है कि इस प्रकरण को लेकर पुलिस पूरी तरह गंभीर है। अफवाहों पर कतई ध्यान न दें। कुछ लोग इस प्रकरण को निकट देख कर सियासी रोटियां सेंकते दिखाई दे रहे हैं, उनके बहकावे में जनता न आये।

