Tajmahal saturday

taj mahalविश्व की अजूबी इमारत ताजमहल राष्ट्रीय धरोहर है। इसका दीदार करने के लिए विश्व के हर देश का व्यक्ति लालायित रहता है। इस धरोहर को विवादित न बनाया जाए। अगर इसको विवादित बना दिया तो केवल आगरा या उत्तर प्रदेश नहीं बल्कि पूरे भारत की छवि विश्व पटल पर धूमिल हो सकती है। यह कहना था वरिष्ठ नागरिक और बुद्धिजीवी उमाशंकर शर्मा का।

हाल ही में राष्ट्रीय हिन्दू परिषद् के कार्यकर्ता राधा – कृष्ण की वेशभूषा में लगभग दो दर्जन कार्यकर्ता इस राष्ट्रीय धरोहर में प्रवेश करने पहुंचे तो उन्हें पुलिस ने तो रोक ही दिया लेकिन विदेशी पर्यटक जो ताज का दीदार करने पधारे हुए थे, वे आश्चर्यचकित होकर वहीं उपस्थित लोगों एवं गाइडों से तरह – तरह के प्रश्न करने लगे।

यही नहीं, बल्कि उन कार्यकर्ताओं के हंगामे और नारेबाजी से विदेशी लोग ही नहीं बल्कि वह लोग भी घबरा गए जो देश के विभिन्न क्षेत्रों से सपरिवार ताज एवं अन्य ऐतिहासिक इमारतों का दीदार करने पधारे हुए थे।

हिन्दू परिषद् के अध्यक्ष गोविन्द पाराशर ने बताया कि राधा – कृष्ण के सभी स्वरूपों के पास ताज का प्रवेश टिकट था और व्यक्ति किसी भी वेशभूषा में हो, उसको ताजमहल में प्रवेश करने से नहीं रोका जा सकता। हमारे कार्यकर्ताओं को क्यों रोका गया, उस सम्बन्ध में स्थानीय पुलिस से भी काफी नोंक – झोंक हुई।

एक प्रश्न के उत्तर में पाराशर ने कहा कि जब हैदराबाद के प्रिंस तूसी को शाही ड्रेस में प्रवेश दिया जा सकता है तो राधा – कृष्ण के स्वरूपों को क्यों नहीं। अब हम हिन्दू धर्म का अपमान कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। पाराशर एवं उसके साथियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह इमारत ताजमहल नहीं बल्कि तेजोमहालय (Tejomahalay) है।

ताजमहल के सुरक्षा स्टाफ ने बताया कि जन्माष्टमी से दो दिन पूर्व भी एक पर्यटक कृष्ण के स्वरुप में ताजमहल में प्रवेश करने पहुंचा था, उसके पास भी प्रवेश टिकट था मगर हमने नियमों का हवाला देते हुए उसे प्रवेश नहीं  करने दिया था। तभी से हिन्दू परिषद् के कार्यकर्ता और हिंदूवादी संगठन आंदोलित हैं।

सामाजिक कार्यकर्ता समीर का कहना था कि केवल आगरा नहीं, बल्कि पूरे भारत की पहचान ताजमहल से है। अगर इस इमारत को लेकर किसी तरह का कोई विवाद या आंदोलन होता है तो यह देश – प्रदेश और आगरा के लिए शर्मनाक बात है। इसलिए यह कहने में कोई गुरेज नहीं है कि ताजमहल आगरा की शान है और इस इमारत की बदौलत लाखों परिवार अपनी रोजी – रोटी चला रहे हैं। कोरोना के समय जब ताजमहल बंद रहा था तो पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग भुखमरी की कगार पर आ गए थे। अब जैसे ही ताजमहल खुला, बिना वजह के विवाद खड़े किये जाने लगे जिनसे ताजमहल और आगरा की शान पर धब्बा लगेगा और पर्यटन व्यवसाय प्रभावित होगा।

S Qureshi