उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 को अपने पक्ष में करने के लिए सभी सियासी पार्टियां प्रति दिन गुणा / भाग लगाने में लगी दिखाई दे रही हैं लेकिन उत्तर प्रदेश की सत्ता किसके हाथ आएगी, यह आने वाला समय ही बताएगा।
भाजपा पूरी कोशिश कर रही है कि किसी भी स्थिति में उत्तर प्रदेश और केंद्र की सरकार उसके हाथ से जाने न पाए। हालांकि केंद्र के चुनाव में अभी काफी समय है, इसलिए भाजपा का पूरा ध्यान और ताकत उत्तर प्रदेश चुनाव को पुनः जीतने पर लगी दिखाई दे रही है।
इसका प्रमुख कारण बताया जाता है कि केंद्र में सरकार का गठन और प्रधानमन्त्री पद का मार्ग उत्तर प्रदेश की सत्ता से होता हुआ ही जाता है। वर्तमान प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी गुजरात की बजाय उत्तर प्रदेश के बनारस जिले से जीत कर देश के प्रधानमन्त्री के पद पर विराजमान हैं। भाजपा चाहती है कि भविष्य में भी उत्तर प्रदेश में भाजपा की ही सरकार बने जिससे मोदी को 2024 में पुनः प्रधानमन्त्री बनने में आसानी रहे।
शायद इसी को दृष्टिगत रखते हुए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्ढा के अतिरिक्त अन्य नेतागण भी पोलिंग बूथ अपने पक्ष में मजबूत करने हेतु भाजपा कार्यकर्ताओं को निर्देशित करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
इसी सदर्भ में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने भाजपा के बूथ विजय अभियान के वर्चुअल प्रोग्राम में भाजपा के कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों को कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि बूथ कार्यकर्ता ही भाजपा की असली ताकत हैं। अगर बूथ मजबूत होगा तो भाजपा को कोई नहीं हरा सकता है।
नड्डा ने बताया कि बूथ तभी मजबूत होगा जब हम समाज के सभी लोगों को सही ढंग से जोड़ पाएंगे। इंद्रभान गर्ल्स इंटर कॉलेज में हुई वर्चुअल बैठक में नड्डा ने आगरा महानगर अध्यक्ष एवं अन्य वरिष्ठ भाजपा को सम्बोधित किया।
नड्डा ने आगामी 2022 विधानसभा चुनावों के लिए बूथ कार्यकर्ताओं को टिप्स देते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि भाजपा के विरोधी दल तरह – तरह की अफवाहें फैलाने की कोशिश करेंगे लेकिन किसी भी भाजपा कार्यकर्ता को उनकी बातों में न आकर पार्टी के प्रति अपना कर्तव्य निभाना है।
इसी सन्दर्भ में सपा के शहर अध्यक्ष वाजिद निसार का कहना था कि भाजपा के लोग कुछ भी कर लें, लेकिन प्रदश की जनता अब पूरी तरह मन बना चुकी है कि भाजपा को न केवल उत्तर प्रदेश से, बल्कि 2024 में केंद्र से भी उखाड़ फेंकना है। कोविड के दौरान ऑक्सीजन की कमी और भाजपा सरकारों की बदइंतजामी से हुई अनगिनत मौतों को जनता भूलेगी नहीं और चुनावों में उसे सबक सिखाएगी।

