सावधान! आपकी पसंदीदा अंग्रेजी शराब असल में जहर हो सकती है। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के कागरौल थाना क्षेत्र के अकोला गांव में पुलिस ने एक खतरनाक अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है, जहां महज छह दिन पहले सत्यप्रकाश नामक बदमाश ने अपने घर को नकली शराब का कारखाना बना लिया था।
स्प्रिट, पानी और जहरीले केमिकल से तैयार यह नकली शराब आगरा से मध्यप्रदेश, बिहार तक बेची जानी थी जिससे हजारों जिंदगियां दांव पर होतीं।
छापे में आरोपियों ने सबूत मिटाने को स्प्रिट के ड्रम में आग तक लगा दी, लेकिन पुलिस ने 74 पेटी जहर बरामद कर खतरा टाल दिया।
यह साजिश अछनेरा निवासी नरेश ने अपने भाई, साले सत्यप्रकाश, हरियाणा के पलवल से आए दोस्त धर्मवीर और अन्य के साथ रची। सत्यप्रकाश ने घर में RO प्लांट लगवाकर नकली शराब को चमकदार बोतलों में पैक किया, ताकि ग्राहक असली समझकर पी लें।
उसके दोनों बेटे सौरभ व शिवशंकर MP-बिहार घूम-घूमकर ग्राहक तलाश रहे थे। घर में 7 लोग 24 घंटे जहर बनाते, हर बोतल में मौत का सामान। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह लखपति बनने को लोगों को मारने को तैयार था।
पुलिस, आबकारी व सर्विलांस टीम को गुप्त टिप मिली तो देर रात संयुक्त छापा मारा। पुलिस देखते ही हाहाकार मच गया, सत्यप्रकाश ने साथियों संग स्प्रिट ड्रम में आग झोंक दी, धुआं-धुआं हो गया। लेकिन पुलिस ने आग पर काबू पाया और 74 पेटी नकली शराब, 50 लीटर स्प्रिट, 89 खाली बोतलें, ढक्कन की पूरी बोरी, पैकिंग मशीन व एक कार बरामद किए। अगर यह नक़ली शराब बाजार में पहुंच जाती तो यूपी-बिहार में मौत का तांडव शुरू हो जाता।
मुख्य आरोपी सत्यप्रकाश, नरेश, उम्मेद सिंह, प्रशांत गिरफ्तार कर लिए गए हैं जबकि कृष्णा, शिवशंकर-सौरभ (सत्यप्रकाश के बेटे), धर्मवीर फ़रार हैं और इनकी तलाश में पुलिस जुट गई है।
जानकार बताते हैं कि यह शराब पीने से किडनी–लिवर फेल होने का ख़तरा था और मौत निश्चित। आरोपियों की पूछताछ से नक़ली शराब का बड़ा सप्लाई नेटवर्क उजागर होने की आशंका है। क्या आपके आसपास भी ऐसा जहर बिक रहा है? सतर्क रहें!

