फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के ग्राम सहनपुर के नगला बंजारा निवासी जीजा और साले केदारनाथ भूस्खलन में दुकान समेत बहकर घरी नदी की खाई में चले गए। उनका पता नहीं लगा है। सीकरी से केदारनाथ में करीब 12 परिवार के लोग भी व्यवसाय करते हैं। गाँव वालों के अनुसार, पुलिस प्रशासन के साथ सभी उनको ढूँढने में लगे हैं।
ग्राम सहनपुर के नगला बंजारा निवासी कप्तान सिंह ने बताया कि तीन माह पूर्व मुलायम सिंह (24) पुत्र जसवंत अपने साले विनोद सिंह निवासी भृतुआ, भरतपुर के साथ केदारनाथ गए थे। दोनों वहाँ माला, धागे, रुद्राक्ष और मूर्तियों की दुकान चलाते हैं। बृहस्पतिवार की रात करीब 11 बजे भूस्खलन हुआ। बड़े-बड़े पत्थर आकर अस्थायी दुकान के ऊपर गिरे। उस समय मुलायम सिंह व उनका साला विनोद दुकान के भीतर सोए हुए थे। दोनों दुकान पहाड़ के मलबे के साथ गहरी खाई में समा गए।
गाँव नगला बंजारा निवासी कलुआ सिंह भी केदारनाथ में हैं। उनके फोन पर गाँव वालों की बात हुई। उन्होंने बताया कि मुलायम सिंह व रिश्तेदार विनोद की तलाश में पुलिस प्रशासन की कई टीमें लगी हुई हैं। पहाड़ों के इतने बड़े पत्थर हैं कि क्रेन व बुलडोजर भी काम नहीं कर प रहे हैं। नीचे गंगा नदी भ रही है। इसलिए दोनों का कोई पता नहीं चल सका है।
उनकी पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। मुलायम सिंह के दो बेटे हैं, 2 साल और 5 माह का। मुलायम के भाई जवाहर सिंह, दीवान सिंह, नरसी भी ऋषिकेश व अन्य स्थानों पर रुद्राक्ष की माला, धागे, चंदन व अन्य सामान की दुकान लगाते हैं।

